मंत्रालय

रायपुर। छत्तीसगढ़ में साम्प्रदायिकता भड़काने वालों के खिलाफ सरकार ने सख्त रवैया अपनाया है। अब ऐसे लोगों पर राष्ट्रीय सुरक्षा कानून-रासुका लगाने की तैयारी हो गई है। इसके लिए सभी जिला कलेक्टरों को अधिकृत कर दिया गया है।

बता दें कि इस कानून के तहत जमानत मिलना मुश्किल है। पुलिस ऐसे लोगों को एक साल तक हिरासत में रख सकती है। बता दें कि नारायणपुर में हुई साम्प्रदायिक हिंसा के बाद सरकार को पूरे प्रदेश में ऐसी घटनाओं की साजिश के इनपुट मिले हैं।

गृह विभाग द्वारा पिछले दिनों ही राजपत्र में एक अधिसूचना जारी कर दी गई है। सभी 33 जिलों के कलेक्टरों-जिला मजिस्ट्रेट को आदेश दिया गया है कि वह राष्ट्रीय सुरक्षा कानून-रासुका की धारा-तीन-2 से मिले शक्तियों का प्रयोग एक जनवरी से 31 मार्च 2023 तक की अवधि में कर सकते हैं।

सरकार ने राजपत्र में यह अधिसूचना प्रकाशित की है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।