देशभर में मानसूनी बारिश का अलर्ट के दौरान दिल्ली-एनसीआर की सड़क पर छाए घने काले मानसूनी बादल और बारिश का दृश्य
देश के 19 राज्यों में मौसम विभाग के नए अलर्ट के बाद दिल्ली-एनसीआर और मैदानी इलाकों में झमाझम बारिश का दौर जारी है।

CG Weather Update: उत्तर भारत में मानसून की सक्रियता बढ़ने और दक्षिण-पूर्वी राज्यों में मानसूनी तंत्र मजबूत होने से बुधवार, 5 अगस्त 2026 को देश भर के मौसम में बड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 5 अगस्त को दिल्ली-एनसीआर, उत्तर प्रदेश, बिहार, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और केरल समेत देश के 19 राज्यों में मध्यम से लेकर अत्यधिक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है। दक्षिण भारत के केरल में लगातार जारी मूसलाधार बारिश के चलते बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए 8 जिलों में रेड अलर्ट घोषित किया गया है, जबकि उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में बारिश से लोगों को भीषण उमस और गर्मी से बड़ी राहत मिली है।

मौसम केंद्र के नए बुलेटिन के अनुसार, उत्तर भारत से लेकर दक्षिण भारत तक विभिन्न मौसमी ट्रफ (Drough Line) और चक्रवातीय घेरे सक्रिय बने हुए हैं। राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और एनसीआर के इलाकों में 5 अगस्त को दिनभर घने बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश होने का अनुमान है, जिससे अधिकतम तापमान 33 डिग्री और न्यूनतम तापमान 23 डिग्री सेल्सियस तक गिर सकता है। वहीं, उत्तर प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी दोनों हिस्सों में 6 अगस्त तक लगातार मूसलाधार बारिश का दौर जारी रहने का पूर्वानुमान है। बिहार में मानसूनी बादलों की सक्रियता के चलते कई जिलों में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है, जबकि असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और पश्चिम बंगाल में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और जलभराव का खतरा बना हुआ है।

मानसूनी टफ रेखा और मानसूनी तंत्र का असर
अगस्त के पहले सप्ताह में बंगाल की खाड़ी और अरब सागर दोनों तरफ से आ रही नमी वाली हवाओं का प्रभाव मध्य और उत्तर भारत के मैदानी हिस्सों पर पड़ रहा है। जुलाई के आखिरी दिनों में मानसून के थोड़े सुस्त पड़ने के बाद, अगस्त की शुरुआत से ही पश्चिमी विक्षोभ (Western Disturbance) और मानसूनी ट्रफ लाइन के आपस में मिलने से उत्तर-पश्चिम भारत में बारिश का नया दौर शुरू हुआ है। पहाड़ी राज्यों उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में हो रही बारिश के कारण मैदानी नदियों के जलस्तर में भी क्रमिक बढ़ोतरी देखी जा रही है।

कृषि क्षेत्र में क्या पड़ेगा असर?
लगातार हो रही बारिश का सबसे सकारात्मक प्रभाव कृषि क्षेत्र पर देखने को मिल रहा है। दिल्ली, पंजाब, हरियाणा और उत्तर प्रदेश के मैदानी इलाकों में धान, मक्का और तिलहन की फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी का काम कर रही है। हालांकि, केरल और पूर्वोत्तर भारत के असम-मेघालय में अत्यधिक बारिश के कारण सामान्य जनजीवन अस्त-व्यस्त हुआ है और कई सड़कों पर जलभराव से यातायात प्रभावित हुआ है। शहरों में निचले इलाकों में पानी भरने से स्थानीय निकायों को जल निकासी के लिए पंप तैनात करने पड़े हैं।

छत्तीसगढ़ में मानसून सामान्य
प्रदेश में 1 जून से 2 अगस्त 2026 तक प्रदेश में औसतन 566.5 मिमी (22.3 इंच) बारिश दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 594.6 मिमी (23.4 इंच) होनी चाहिए थी। यानी अब तक प्रदेश में 5% कम बारिश हुई है, जिसे मौसम विभाग ने सामान्य (Normal) श्रेणी में रखा है। हालांकि, जिलावार आंकड़ों में बारिश का वितरण काफी असमान नजर आ रहा है। कुछ जिलों में सामान्य से 60% से अधिक बारिश हुई है, जबकि कई जिलों में 40% से 53% तक की कमी दर्ज की गई है।

इन जिलों में हुई सबसे अधिक बारिश
प्रदेश में अब तक सबसे अधिक बारिश नारायणपुर में 997.8 मिमी (39.3 इंच) दर्ज की गई है, जो सामान्य से 61% अधिक है। इसके बाद सारंगढ़-बिलाईगढ़ में 797.5 मिमी (31.4 इंच) बारिश हुई, जो सामान्य से 65% ज्यादा है। वहीं जांजगीर-चांपा में 743.9 मिमी (29.3 इंच, +38%), महासमुंद में 725.1 मिमी (28.5 इंच, +35%), गरियाबंद में 696.8 मिमी (27.4 इंच, +29%), बालोद में 668.5 मिमी (26.3 इंच, +29%), रायपुर में 626.0 मिमी (24.6 इंच, +21%) और बलौदाबाजार में 623.0 मिमी (24.5 इंच, +28%) बारिश दर्ज की गई, जो सामान्य से अधिक है।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।