Chhattisgarh News: रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर अचानक हलचल बढ़ गई है। स्वास्थ्य विभाग ने विदेशों और दूसरे राज्यों से आने वाले मुसाफिरों के लिए इबोला जांच काउंटर चालू कर दिया है। स्क्रीनिंग मशीन से हर आने-जाने वाले पर नजर रखी जा रही है। खतरा बड़ा है। सरकार कोई चांस नहीं लेना चाहती। राहत की बात यह है कि अभी तक अपने देश या छत्तीसगढ़ में इसका एक भी मरीज नहीं मिला है। यह पूरी तैयारी सिर्फ एहतियात के तौर पर की जा रही है।

रायपुर एयरपोर्ट पर क्यों बढ़ी सख्ती?

दशकों बाद दुनिया पर इबोला का साया मंडरा रहा है। छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग ने आदेश जारी कर एयरपोर्ट पर चेकिंग को 100% अनिवार्य कर दिया है। इसके लिए बाकायदा एक नोडल अधिकारी की ड्यूटी लगाई गई है। सूत्रों के हवाले से खबर है कि अगर किसी भी मुसाफिर में जरा सा भी शक होता है, तो उसे सीधे आइसोलेशन वार्ड में भेजने के इंतजाम किए गए हैं। नया रायपुर और माना इलाके के अस्पतालों को भी अलर्ट पर रखा गया है।

अफ्रीका से शुरू हुआ ये नया बवाल

दरअसल, अफ्रीका के कांगो और युगांडा देशों में इबोला पैर पसार रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन यानी डब्ल्यूएचओ (WHO) ने इसे अंतरराष्ट्रीय इमरजेंसी घोषित कर दिया है। इसी के बाद से पूरी दुनिया सहमी हुई है। दिल्ली से लेकर रायपुर तक की सरकारें चौकन्नी हो गई हैं। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने भी साफ किया है कि भारत में फिलहाल डरने जैसी कोई बात नहीं है। बस सुरक्षा के इंतजाम कड़े किए जा रहे हैं।

कितना खतरनाक है ये इबोला वायरस?

यह कोई मामूली सर्दी-खांसी नहीं है। इबोला एक बेहद खतरनाक और जानलेवा बीमारी है। यह किसी बीमार इंसान या जानवर के खून और शरीर के दूसरे तरल पदार्थों के सीधे संपर्क में आने से फैलती है। डॉक्टरों के मुताबिक, इस बीमारी के लक्षण दिखने में 2 से 21 दिन का समय लग सकता है।

ये लक्षण दिखें तो हो जाएं सावधान

  • अचानक बहुत तेज बुखार आना।
  • शरीर में बहुत ज्यादा कमजोरी लगना।
  • मांसपेशियों और सिर में तेज दर्द होना।
  • उल्टी, दस्त होना और गंभीर हालत में शरीर से खून आना।

रायपुर के जयस्तंभ चौक और पंडरी कपड़ा मार्केट जैसे भीड़भाड़ वाले इलाकों में भी आने वाले दिनों में स्वास्थ्य विभाग नजर रख सकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।