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Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में जमकर बरसेंगे बादल, रायपुर समेत 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में जमकर बरसेंगे बादल, रायपुर समेत 21 जिलों में ऑरेंज अलर्ट
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Weather Update: छत्तीसगढ़ में बंगाल की खाड़ी में बने निम्न दबाव के क्षेत्र के असर से मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल गया है। राजधानी रायपुर सहित राज्य के अधिकांश इलाकों में सोमवार सुबह से ही मूसलाधार बारिश और काले बादलों का डेरा जमा हुआ है। मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 21 जिलों में आगामी तीन दिनों तक 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली तेज हवाओं के साथ भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया है। इस दौरान सड़कों पर जलभराव और निचले इलाकों में जलस्तर बढ़ने की स्थिति बनी हुई है।

रविवार रात से शुरू हुआ बारिश का दौर सोमवार को भी जारी रहा, जिससे जनजीवन प्रभावित हुआ है। पिछले 24 घंटों में सबसे अधिक 9-9 सेंटीमीटर बारिश भैसमा और लवन में दर्ज की गई, जबकि ओडगी में 8 सेमी और कोटाडोल में 7 सेमी वर्षा दर्ज की गई। राजधानी रायपुर में दिन का अधिकतम तापमान गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया है। वर्तमान में राज्य में अब तक की मानसूनी वर्षा सामान्य स्तर पर दर्ज की गई है, जिसमें कुल सामान्य से महज -9 प्रतिशत का अंतर दर्ज किया गया है।

क्यों हो रही अधिक बारिश ?
मौसम विभाग के अनुसार उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी और ओडिशा तट के पास बना कम दबाव का क्षेत्र और अधिक मजबूत होकर अवदाब (डिप्रेशन) में परिवर्तित हो रहा है। इस तंत्र के आगे बढ़ने से छत्तीसगढ़ के मैदानी और पहाड़ी इलाकों में मॉनसून की सक्रियता बढ़ गई है। पूर्व में भी इस तरह की मानसूनी प्रणालियों के चलते राज्य के उत्तर और मध्य हिस्से में भारी वर्षा का रिकॉर्ड दर्ज किया गया है, जिसके चलते नदी-नाले उफान पर आ जाते हैं।

क्या है लेटेस्टर अपडेट ?
मौसम विज्ञान केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिकों ने जानकारी देते हुए बताया कि आने वाले 24 घंटों में अवदाब का प्रभाव और स्पष्ट होगा। विभाग ने धमतरी, बालोद, राजनांदगांव, गरियाबंद, महासमुंद, रायपुर, बिलासपुर, कोरबा, जशपुर, दुर्ग, बेमेतरा, कबीरधाम और सरगुजा समेत कई जिलों के लिए सुरक्षात्मक चेतावनी जारी की है। नागरिकों को अनावश्यक यात्रा से बचने और वज्रपात की आशंका वाले समय में सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

कृषि के लिए संजीवजी
सतत बारिश के चलते राज्य के कृषि क्षेत्र को लाभ मिलने की उम्मीद जताई जा रही है, विशेषकर धान की फसलों के लिए यह बारिश संजीवनी मानी जा रही है। हालांकि, शहरी इलाकों में जलभराव की वजह से आवागमन में बाधा उत्पन्न हो सकती है। नगर निगम और स्थानीय प्रशासन को जल निकासी की व्यवस्था दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए हैं ताकि लोगों को परेशानियों का सामना न करना पड़े।