सोमवार, 2 नवंबर 2026 सोम, 2 नव॰ |
संस्करण:
ब्रेकिंग न्यूज़
छत्तीसगढ़

Chhattisgarh Rajyotsav 2026: नवा रायपुर में सजेगी सुरमयी महफिल- आज होगा ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन और गायिका स्वास्ति की प्रस्तुति

छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन नवा रायपुर में ‘मैं अयोध्या हूं’ नाटक का मंचन
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
खास बातें (Key Highlights)
  • Chhattisgarh Rajyotsav 2026: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन दो नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर में कला, संस्कृति, संगीत और लोकपरंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है।
  • तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन के तहत सोमवार को भारतीय कला और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
  • राज्योत्सव के मुख्य मंच पर आज विशेष रूप से ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य का भव्य मंचन किया जाएगा।
  • राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित होने वाले इस विशेष और गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे।

Chhattisgarh Rajyotsav 2026: छत्तीसगढ़ राज्योत्सव 2026 के दूसरे दिन दो नवंबर को नवा रायपुर अटल नगर में कला, संस्कृति, संगीत और लोकपरंपराओं का अद्भुत संगम देखने को मिल रहा है। तीन दिवसीय इस भव्य आयोजन के तहत सोमवार को भारतीय कला और संगीत की मनमोहक प्रस्तुतियां दर्शकों को मंत्रमुग्ध करने के लिए पूरी तरह तैयार हैं। राज्योत्सव के मुख्य मंच पर आज विशेष रूप से ‘मैं अयोध्या हूं’ नाट्य का भव्य मंचन किया जाएगा।

राज्योत्सव के दूसरे दिन आयोजित होने वाले इस विशेष और गरिमामयी समारोह में छत्तीसगढ़ के राज्यपाल रमेन डेका मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। उनके आतिथ्य में प्रदेश की सांस्कृतिक और लोकपरंपराओं का यह महाकुंभ अपनी पूरी भव्यता के साथ आगे बढ़ेगा। इस आयोजन में राज्य के विभिन्न हिस्सों से आए गणमान्य नागरिक और कला प्रेमी बड़ी संख्या में उपस्थित रहेंगे।

मुख्य मंच पर सजेगी सांस्कृतिक संध्या

राज्योत्सव के मुख्य मंच पर शाम 6 बजे से रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों की शुरुआत होगी। शाम के समय छत्तीसगढ़ की सांस्कृतिक छटा और राष्ट्रीय स्तर की कलाओं का अनूठा मिश्रण देखने को मिलेगा। मुख्य मंच का यह पूरा कार्यक्रम स्थानीय और राष्ट्रीय कलाकारों की बेहतरीन प्रस्तुतियों से सजा हुआ है, जो दर्शकों को एक नया और अलौकिक अनुभव प्रदान करेगा।

‘मैं अयोध्या हूं’ नाटक का विशेष मंचन

शाम 6 से 7 बजे के बीच मुख्य मंच पर विशेष नाट्य प्रस्तुति ‘मैं अयोध्या हूं’ का मंचन किया जाएगा। इस नाट्य प्रस्तुति के माध्यम से अयोध्या की ऐतिहासिक, धार्मिक और आध्यात्मिक विरासत को बेहद कलात्मक रूप में जीवंत किया जाएगा। भारतीय संस्कृति, आस्था, परंपरा और गौरवशाली इतिहास की झलक प्रस्तुत करने वाला यह नाट्य मंचन सभी दर्शकों के लिए विशेष आकर्षण का प्रमुख केंद्र रहेगा।

सुनील सोनी और स्वास्ति मेहुल की सुरीली आवाज

राज्योत्सव के दूसरे दिन संगीत प्रेमियों के लिए एक से बढ़कर एक प्रस्तुतियां होंगी। शाम 7 से 8 बजे तक छत्तीसगढ़ के लोकप्रिय गायक सुनील सोनी अपनी संगीतमय प्रस्तुति देंगे। इसके ठीक बाद रात 8 बजे से प्रसिद्ध पार्श्व गायिका स्वास्ति मेहुल मंच संभालेंगी और अपनी सुरीली आवाज से राज्योत्सव की शाम को पूरी तरह सुरमयी बना देंगी।

शिल्पग्राम में लोकसंस्कृति की धूम

राज्योत्सव के मुख्य मंच के अलावा शिल्पग्राम में भी दो नवंबर को छत्तीसगढ़ की समृद्ध लोकसंस्कृति और भारतीय शास्त्रीय कलाओं की अनुपम छटा देखने को मिलेगी। शिल्पग्राम के मंच पर दोपहर 3 बजे से ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का सिलसिला शुरू हो जाएगा, जहां विभिन्न जिलों से आए कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे।

शिल्पग्राम में कुल 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां

राज्योत्सव के दूसरे दिन शिल्पग्राम में कुल 11 सांस्कृतिक प्रस्तुतियां आयोजित की जा रही हैं। इनमें लोकसंगीत, पंडवानी, सुआ नृत्य, ओडिसी, कथक, सूफी संगीत, गजल और लोकमंच जैसी विविध और समृद्ध कलाओं को विशेष स्थान दिया गया है, जो दर्शकों को राज्य की विविधता से रूबरू कराएंगी।

पंडवानी और सुआ नृत्य का जादू

शिल्पग्राम के कार्यक्रमों में छत्तीसगढ़ की पारंपरिक लोककलाओं को प्रमुखता दी गई है। दुर्ग की समप्रिया पूजा निषाद पंडवानी गायन के जरिए महाभारत की कथाओं को जीवंत करेंगी, वहीं गरियाबंद की मिलवंतीन बाई पारंपरिक सुआ नृत्य के माध्यम से छत्तीसगढ़ की लोकसंस्कृति की मनमोहक छटा बिखेरेंगी।

शास्त्रीय और सुगम संगीत की प्रस्तुतियां

इस आयोजन में ओडिसी नृत्य के जरिए सुष्मिता दास और कथक नृत्य के जरिए आंचल पाण्डेय व विनीता त्रिपाठी अपनी प्रस्तुतियां देंगी। साथ ही अंकित निर्मलकर सूफी व गजल गायन से तथा अन्य कलाकार बैंड व लोकमंच के माध्यम से अपनी कला का उत्कृष्ट प्रदर्शन करेंगे।

पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ की समृद्ध कला और लोकपरंपराएं हमारी अमूल्य धरोहर हैं। राज्योत्सव इन गौरवशाली परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाने और स्थानीय कलाकारों की प्रतिभा को प्रोत्साहित करने का एक बेहतरीन मंच है, जिससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों से जुड़ती है।

Shravan Sharma
लेखक / पत्रकार:

Shravan Sharma

विशेष संवाददाता (Special Correspondent)

वरिष्ठ न्यूज़ रिपोर्टर, The Rural Press

The Rural Press के लिए निष्पक्ष और निर्भीक रिपोर्टिंग।

विज्ञापन