बिलासपुर। छत्तीसगढ़ के बलरामपुर ज़िले में अवैध रेत खनन पर कार्रवाई करने गई पुलिस टीम पर माफियाओं ने जानलेवा हमला कर दिया। सनावल थाना क्षेत्र के लिब्रा गांव में माफियाओं ने एक पुलिस आरक्षक को ट्रैक्टर से कुचलकर मार डाला। इस घटना ने कानून-व्यवस्था और अवैध खनन को लेकर सरकार की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

स्वतः संज्ञान लेकर विभागों को नोटिस

इस जघन्य घटना को बिलासपुर हाईकोर्ट ने गंभीरता से लिया है और स्वतः संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग के सचिव और वन विभाग को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया है। अगली सुनवाई 9 जून 2025 को निर्धारित की गई है। अदालत के इस हस्तक्षेप से उम्मीद की जा रही है कि दोषियों पर कठोर कार्रवाई होगी और अवैध खनन पर सख्त रोक लगेगी।

जानबूझकर कुचला गया आरक्षक

घटना रविवार रात की है, जब पुलिस की पेट्रोलिंग टीम को कन्हर नदी किनारे अवैध रेत खनन की सूचना मिली। मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू करते ही माफियाओं ने एक ट्रैक्टर को तेज रफ्तार में पुलिस टीम की ओर दौड़ा दिया। इस हमले में एक आरक्षक गंभीर रूप से घायल हुआ और मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

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पहले की गई कार्रवाई का बदला लिया माफियाओं ने

मृत आरक्षक की पहचान धमनी गांव निवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले पुलिस ने इसी इलाके में तीन अवैध ट्रैक्टर जब्त किए थे। माना जा रहा है कि माफियाओं ने उसी कार्रवाई का बदला लेते हुए यह हमला किया।

थाना प्रभारी निलंबित

घटना के बाद सनावल थाना प्रभारी दिव्यकांत पांडेय को लापरवाही बरतने के आरोप में निलंबित कर दिया गया है। सरगुजा रेंज के आईजी ने मामले की पुष्टि करते हुए कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पुलिस बल की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।