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Chhattisgarh School Scam: CBSE के नाम पर लाखों की ठगी, पूरे प्रदेश में लाखों छात्रों का भविष्य अधर में

Chhattisgarh School Scam: CBSE के नाम पर लाखों की ठगी, पूरे प्रदेश में लाखों छात्रों का भविष्य अधर में
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य
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Chhattisgarh School Scam: छत्तीसगढ़ की शिक्षा व्यवस्था में इन दिनों एक ऐसा खेल उजागर हुआ है, जिसने अभिभावकों की कमर तोड़ दी है। बिलासपुर से शुरू हुआ यह मामला अब पूरे प्रदेश में आग की तरह फैल रहा है। शहर के 10 बड़े प्राइवेट स्कूलों पर आरोप है कि उन्होंने साल भर बच्चों को सीबीएसई (CBSE) पैटर्न की पढ़ाई का सपना दिखाया और बदले में प्रति छात्र एक लाख रुपये से अधिक फीस वसूली, जबकि हकीकत में उनके पास मान्यता तक नहीं थी।

ग्राउंड सूत्रों के मुताबिक, ये स्कूल 1 अप्रैल 2026 से सीबीएसई मान्यता मिलने का दावा कर रहे थे, लेकिन सत्र पूरा होने तक ये मान्यता कागजों पर भी नहीं थी। यानी, पूरे साल बच्चों को जिस बोर्ड के नाम पर पढ़ाया गया, उस बोर्ड के साथ स्कूल का कोई आधिकारिक अनुबंध ही नहीं था। अब जब परीक्षा का वक्त आया है, तो स्कूल प्रबंधन बच्चों को छत्तीसगढ़ बोर्ड (CG Board) की परीक्षा में धकेल रहा है।

पूरे प्रदेश में फैला है जाल?

बिलासपुर में अगर 10 स्कूल इस धांधली में शामिल हैं और हर स्कूल में औसतन 500 से 800 छात्र हैं, तो सिर्फ एक जिले में ही करीब 5 से 8 हजार बच्चों का भविष्य दांव पर है। अगर यही स्थिति रायपुर, भिलाई, दुर्ग और रायगढ़ जैसे बड़े शहरों में है, तो अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि पूरे छत्तीसगढ़ में कितने विद्यार्थी इस शिक्षा माफिया के जाल में फंसे हो सकते हैं। इन स्कूलों ने सरकारी किताबें न देकर निजी पब्लिशर्स की महंगी किताबें खरीदीं, जिससे हर छात्र पर अतिरिक्त बोझ बढ़ा।

वहीं इस मामले में छात्रों के परिजनों का कहना है कि जब पूरी पढ़ाई सीबीएसई की हुई, तो परीक्षा सीजी बोर्ड की क्यों? क्या हमें सिर्फ मार्कशीट का खिलौना थमाया जा रहा है? बिलासपुर डीईओ विजय तांडे ने मोर्चा संभाल लिया है। उन्होंने साफ कहा, मान्यता न होने पर भी सीबीएसई के नाम पर प्रवेश देना नियमों का उल्लंघन ही नहीं, बल्कि एक बड़ा षड्यंत्र है। उन्होंने सभी स्कूलों को दस्तावेजों के साथ कलेक्ट्रेट में तलब किया है।

इस घटना ने मध्यवर्गीय परिवारों की नींद उड़ा दी है। अभिभावक अब सड़क पर उतरने की तैयारी कर रहे हैं। डर इस बात का है कि साल भर सीबीएसई की तैयारी करने वाले बच्चे क्या सीजी बोर्ड के पैटर्न में अपना करियर सुरक्षित कर पाएंगे? यदि प्रशासन ने समय रहते इन स्कूलों पर ताला नहीं लगाया, तो प्रदेश के हजारों बच्चों का एक पूरा साल बर्बाद हो सकता है।

Rverma
लेखक / पत्रकार:

Rverma

विशेष संवाददाता

The Rural Press के लिए निष्पक्ष, निर्भीक और जनसरोकार से जुड़ी ग्राउंड रिपोर्टिंग।

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