छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से 'रैप वॉक' कराने के मामले में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार को घेरा।
छत्तीसगढ़ में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से 'रैप वॉक' कराने के मामले में कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने सरकार को घेरा।

Naxals Ramp Walk Controversy: रायपुर में आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से कथित तौर पर जबरन ‘रैप वॉक’ (Ramp Walk) कराए जाने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी (प्रेस विज्ञप्ति) के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने इस घटना को महिलाओं की निजता और सम्मान पर हमला बताते हुए कड़ी निंदा की है।

उन्होंने आरोप लगाया कि हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटीं इन महिलाओं की गरिमा के साथ सरकारी तंत्र द्वारा खिलवाड़ किया गया है।

सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर रायपुर लाकर दबाव बनाने का आरोप

कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने मीडिया में आ रही जानकारियों का हवाला देते हुए बताया कि इन महिलाओं को सुकमा कैंप से जगदलपुर सिलाई प्रशिक्षण देने के नाम पर लाया गया था। लेकिन, उन्हें कथित रूप से गुमराह कर रायपुर ले आया गया। आरोप है कि वहाँ कई दिनों तक ‘रैप वॉक’ का प्रशिक्षण दिया गया और आपत्ति जताने पर महिलाओं को धमकाया गया तथा उन पर दबाव बनाया गया। कांग्रेस ने कहा कि अगर यह सच है तो यह पुनर्वास नहीं, बल्कि आत्मसमर्पित महिलाओं का मानसिक शोषण है।

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इवेंटबाजी और श्रेय लेने की होड़ में कुचली गई गरिमा

धनंजय सिंह ठाकुर ने भाजपा सरकार पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि नक्सलवाद खत्म करने का श्रेय लेने और पब्लिसिटी बटोरने की होड़ में सरकार ने आत्मसमर्पित महिलाओं को केवल प्रदर्शन की वस्तु मान लिया। उन्होंने कहा:

पुनर्वास के अधिकार से खिलवाड़: जिन महिलाओं को सुरक्षा और सम्मान मिलना चाहिए था, उनके आत्मसम्मान को प्रचार का साधन बना दिया गया।

पुनर्वास योजना पर उठे सवाल: कई आत्मसमर्पित नक्सली पुनर्वास नीति का सही लाभ न मिलने और सरकार पर वादाखिलाफी के आरोप भी लगा रहे हैं।

सरकारी तंत्र की कार्यप्रणाली: यदि मुख्यधारा में आने के बाद भी दबाव और भय का माहौल बने, तो यह व्यवस्था के लिए शर्मनाक है।

उच्चस्तरीय निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग

कांग्रेस पार्टी ने इस पूरे प्रकरण की तत्काल निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है। धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि पीड़ित महिलाओं के बयान किसी स्वतंत्र और सुरक्षित माहौल में दर्ज किए जाएं। यदि महिलाओं को बिना सहमति, डरा-धमकाकर या दबाव बनाकर रैप वॉक में शामिल किया गया, तो इसके जिम्मेदार अधिकारियों और आयोजकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जानी चाहिए।

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(FAQs)

प्र.1: आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों से संबंधित विवादित घटना क्या है?

उत्तर: सुकमा से सिलाई प्रशिक्षण के नाम पर लाई गई आत्मसमर्पित महिला नक्सलियों को रायपुर लाकर बिना उनकी सहमति के कथित रूप से दबाव बनाकर ‘रैप वॉक’ कराने का मामला सामने आया है।

प्र.2: इस मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के मुख्य प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर का क्या रुख है?

उत्तर: उन्होंने इसे महिलाओं की निजता और आत्मसम्मान का हनन बताते हुए पूरे घटनाक्रम की उच्चस्तरीय जांच और दोषियों पर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

प्र.3: महिलाओं को जगदलपुर से रायपुर किस बहाने लाया गया था?

उत्तर: आरोप के अनुसार, महिलाओं को सुकमा कैंप से जगदलपुर में सिलाई प्रशिक्षण का झांसा देकर रायपुर लाया गया था।

प्र.4: कांग्रेस ने राज्य सरकार पर क्या मुख्य आरोप लगाए हैं?

उत्तर: कांग्रेस का आरोप है कि सरकार नक्सलवाद के खिलाफ इवेंटबाज़ी करने और प्रचार पाने की होड़ में आत्मसमर्पित महिलाओं की निजता व गरिमा से खिलवाड़ कर रही है।

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प्र.5: कांग्रेस की इस मामले में प्रमुख मांगें क्या हैं?

उत्तर: इस मामले की निष्पक्ष जांच, महिलाओं के स्वतंत्र माहौल में बयान दर्ज कराने और डराने-धमकाने वाले अधिकारियों/आयोजकों पर कार्रवाई की मांग की गई है।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
पत्रकारिता जगत में राजनीतिक खबरों से लेकर खेल, धर्म-समाज, पर्यटन, संस्कृति, पुरातत्व, समाज एवं कल्याण विभाग, महिला एवं बाल विकास विभाग, बाल संरक्षण आयोग, महिला आयोग, सहित विविध विभागों की रिपोर्टिंग का अनुभव रहा है। पत्रकारिता का मुख्य उद्देश्य सामाजिक क्षेत्र में बदलाव और आम जनता की समस्याओं को सटीक रूप से उजागर करना है।