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Chhattisgarh Weather Update: बस्तर संभाग में बारिश का अलर्ट, जाने रायपुर-बिलासपुर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?

Chhattisgarh Weather Update: बस्तर संभाग में बारिश का अलर्ट, जाने रायपुर-बिलासपुर में कैसा रहेगा मौसम का मिजाज?
तस्वीर: The Rural Press फाइल / सौजन्य

Chhattisgarh Weather Update: भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मौसम केंद्र रायपुर द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार 13 अगस्त 2026 को छत्तीसगढ़ के उत्तरी और दक्षिणी क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई है। प्रदेश के मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, सुकमा और बीजापुर जिलों में सबसे ज्यादा वर्षा दर्ज हुई है। हालांकि, रायपुर, बिलासपुर और कबीरधाम सहित मध्य छत्तीसगढ़ के मैदानी इलाकों में मौसम मुख्यतः शुष्क बना रहा।

मौसम विभाग के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य में वर्षा का वितरण असमान रहा। उत्तर में स्थित मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर में सर्वाधिक 50.3 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। वहीं दक्षिण छत्तीसगढ़ के बीजापुर और सुकमा में 48-48 मिलीमीटर वर्षा दर्ज हुई है। बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में भी 45.4 मिलीमीटर बारिश हुई। दूसरी तरफ दंतेवाड़ा में 24.6 मिलीमीटर, सूरजपुर में 12.3 मिलीमीटर, कोरिया में 11 मिलीमीटर और जशपुर में 10 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड की गई।

कहीं ज्यादा तो कहीं कम हुई बारिश
मानसून सीजन के दौरान छत्तीसगढ़ में अलग-अलग हिस्सों में वर्षा की तीव्रता में अंतर देखा जा रहा है। बीते दिनों मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के सीमावर्ती इलाकों में बने दबाव के कारण उत्तरी और दक्षिणी बस्तर संभाग के क्षेत्रों में मानसून अधिक सक्रिय नजर आया है। इसके विपरीत, रायपुर, बेमेतरा, दुर्ग, कबीरधाम और मुंगेली जैसे केंद्रीय जिलों में बारिश का इंतजार बना हुआ है, जहां हाल के घंटों में वर्षा शून्य दर्ज की गई।

जानिए ताजा अपडेट
मौसम केंद्र रायपुर के विशेषज्ञों के अनुसार, राज्य के उत्तरी और सुदूर दक्षिणी भागों में मध्यम से भारी श्रेणी की वर्षा दर्ज की गई है। विभागीय मानचित्र के अनुसार, दक्षिणी बस्तर और उत्तरी सरगुजा संभाग के जिलों में मानसून की गतिविधियों में तेजी बनी हुई है। अधिकारियों का कहना है कि स्थानीय मौसमी तंत्र और नमी के प्रभाव से आने वाले घंटों में भी इन इलाकों में हल्की से मध्यम बौछारें पड़ने की संभावना बनी रहेगी। वहीं रायपुर-बिलासपुर में आज बारिश के आसार नहीं है।

जनजीवन और कृषि पर असर
उत्तरी और दक्षिणी जिलों में हुई बारिश से किसानों को राहत मिली है, विशेषकर धान की फसल के लिए यह पानी बेहद उपयोगी माना जा रहा है। हालांकि, निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति पर भी नजर रखी जा रही है। मैदानी इलाकों के किसानों को अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार है ताकि फसलों की सिंचाई सही ढंग से हो सके।

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