रायपुर। एमए छत्तीसगढ़ी डिग्री धारी छात्र संगठन ने छत्तीसगढ़ी को पूर्ण राजभाषा का दर्जा दिलाने के लिए मुख्य्मंत्री विष्णुदेव साय से मुलाक़ात की। एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष ऋतुराज साहू ने बताया कि मुख्यमंत्री से मांग किया गया है कि 2007 में जो राजभाषा का दर्जा छत्तीसगढ़ी को प्रदान किया गया था वो 17 वर्ष हो जाने के बाद भी पूर्ण राजभाषा नहीं बन पाई है। इसे पूर्ण राजभाषा बनाने की मांग की गई।

संगठन के अध्यक्ष ने आगे बताया कि 2013 में रमन सिंह की सरकार ने पंडित रविशंकर यूनिवर्सिटी में माध्यम के रूप में एमए छत्तीसगढ़ी का पाठ्यक्रम खोला था, ताकि छत्तीसगढ़ी भाषा संस्कृति को बढ़ावा मिले, पर दस वर्ष बीत जाने के बाद भी लगभग 800 लोग पास आउट होकर निकल चुके हैं, अभी तक इन डिग्री धारियों के लिए कोई रोजगार व्यवस्था नहीं हो पाई है। इस ओर भी सीएम साय को ध्यानकर्षित कराया गया।

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छात्र संगठन की मांगों को सुनकर मुख्य्मंत्री ने इस पर व्यवस्था करने की बात कही. गौरतलब है एमए छत्तीसगढ़ी छात्र संगठन छत्तीसगढ़ी को स्कूल शिक्षा में लागू करने, कामकाज की भाषा बनाने, रोजगार की व्यवस्था के लिए लगातार अपनी मांग को लेकर शासन-प्रशासन को अवगत करा रहे हैं।

इस मुलाक़ात के दौरान संगठन के संजीव साहू, पूजा पगहनिया अदिति गुप्ता , अजय पटेल, जिनेन्द्र यादव विनय बघेल, खेमराज साहू, लक्की शर्मा, रजत बंजारे, पिलेन्द्र यादव, सत्यप्रकाश सहित बहुत से बेरोजगार डिग्रीधारी छात्र मौजूद रहे।

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