CM Vishnu Deo Sai Raksha Bandhan: मुख्यमंत्री निवास में शुक्रवार को रक्षाबंधन का पर्व आत्मीयता और उल्लास के साथ मनाया गया। समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की कलाई पर राखी बांधी और उन्हें स्नेह व आशीर्वाद दिया। इस मौके पर सीएम साय ने महिलाओं के आर्थिक सशक्तिकरण से लेकर लखपति दीदी, ड्रोन दीदी और ई-रिक्शा दीदियों की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना विकसित छत्तीसगढ़ का सपना पूरा नहीं हो सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा कि रक्षाबंधन भाई-बहन के स्नेह, विश्वास और आत्मीयता का पर्व है। बहन भाई की कलाई पर राखी बांधकर उसके सुखद जीवन की कामना करती है। वहीं भाई बहन के सम्मान, सुरक्षा और सुख-दुःख में साथ खड़े रहने का संकल्प लेता है। उन्होंने कहा कि समाज के अलग-अलग क्षेत्रों से आई बहनों का स्नेह और आशीर्वाद उन्हें प्रदेश की माताओं-बहनों के कल्याण के लिए और अधिक समर्पण से काम करने की प्रेरणा देता है।

कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी ने बांधी राखी
कार्यक्रम में स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे की पत्नी सरला दुबे ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। सीएम साय ने इसे अपने लिए भावुक और गौरवपूर्ण क्षण बताया। उन्होंने कहा कि स्वर्गीय कर्नल अशोक कुमार दुबे सेना में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के पहले जवान थे। कार्यक्रम में प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय की सविता दीदी और स्मृति दीदी, सावित्री जायसवाल, पद्मश्री डॉ. उषा बारले, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष ममता साहू और छत्तीसगढ़ फिल्म विकास निगम की अध्यक्ष मोना सेन समेत कई महिलाओं ने मुख्यमंत्री को राखी बांधी। महिला पत्रकारों, स्व-सहायता समूहों की दीदियों, लखपति दीदियों, ड्रोन दीदियों, ई-रिक्शा दीदियों, टीम प्रहरी, विभिन्न समाजों की महिलाओं और दिव्यांग बहनों ने भी मुख्यमंत्री के साथ रक्षाबंधन मनाया।
1600 जवानों की कलाई पर सजी राखी
मुख्यमंत्री ने रायपुर में हुए ‘स्नेह की डोर’ कार्यक्रम का भी जिक्र किया। उन्होंने बताया कि स्व-सहायता समूहों की बहनों, दिव्यांग बहनों और शहीद जवानों के परिवारों की महिलाओं ने सीआरपीएफ, बीएसएफ, सीआईएसएफ और आईटीबीपी समेत विभिन्न सुरक्षा बलों के करीब 1600 जवानों को राखी बांधी। सीएम साय ने कहा कि जवान त्योहारों पर भी अपने परिवार से दूर रहकर देश और प्रदेश की सुरक्षा में जुटे रहते हैं। उनके प्रति सम्मान और कृतज्ञता व्यक्त करना सभी का दायित्व है।
महिला पत्रकारों के साहस की सराहना
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद महिला पत्रकारों का भी स्वागत किया। उन्होंने कहा कि पत्रकारिता साहस, संवेदनशीलता और जिम्मेदारी का काम है। महिला पत्रकार चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपने दायित्व निभाकर लोगों तक देश-दुनिया की जानकारी पहुंचा रही हैं। उन्होंने बताया कि दिल्ली से लौटते समय शुक्रवार सुबह एयरपोर्ट पर पत्रकार बहन जिज्ञासा ने भी उन्हें राखी बांधी।

महतारी वंदन की 31वीं किस्त में 631 करोड़ से ज्यादा
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण सरकार की प्राथमिकताओं में है। महतारी वंदन योजना के तहत प्रदेश की करीब 68 लाख महिलाओं को हर महीने एक हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। रक्षाबंधन को देखते हुए 25 अगस्त को योजना की 31वीं किस्त के रूप में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि महिलाओं के बैंक खातों में ट्रांसफर की गई। सीएम ने कहा कि यह योजना सिर्फ आर्थिक सहायता तक सीमित नहीं है। इससे महिलाओं का आत्मविश्वास बढ़ा है और वे इस राशि का इस्तेमाल जरूरतों, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य, बचत और आजीविका से जुड़ी गतिविधियों में कर रही हैं।
लक्ष्य 8 लाख का था, 13.85 लाख महिलाएं बनीं लखपति दीदी
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के लिए लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य रखा है। देशभर में 6 करोड़ महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य है। छत्तीसगढ़ को 8 लाख महिलाओं को लखपति दीदी बनाने का लक्ष्य मिला था। सीएम साय के मुताबिक, पिछले दो वर्षों में प्रदेश में 13 लाख 85 हजार महिलाएं लखपति दीदी बन चुकी हैं। उन्होंने इसे महिलाओं के परिश्रम, आत्मविश्वास और उद्यमशीलता का प्रमाण बताया।
ड्रोन से कमाई कर रहीं गांव की महिलाएं
मुख्यमंत्री ने ड्रोन दीदी योजना का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि गांव की महिलाएं अब आधुनिक तकनीक से जुड़ रही हैं। ड्रोन के जरिए खेतों में उर्वरक और दवा का छिड़काव कर महिलाएं आय अर्जित कर रही हैं। सीएम के मुताबिक, एक एकड़ में छिड़काव से करीब 300 रुपये की आय होती है। 20 से 25 एकड़ में काम करके ड्रोन दीदियां एक दिन में 6 से 7 हजार रुपये तक कमा रही हैं।

92 ई-रिक्शा दीदियां और सेटरिंग प्लेट से रोजगार
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं को सिर्फ योजनाओं का लाभार्थी नहीं, बल्कि आर्थिक गतिविधियों में भागीदार बनाया जा रहा है। नए क्षेत्रों में भी स्व-सहायता समूहों की महिलाएं आगे बढ़ रही हैं। उन्होंने बताया कि नया रायपुर में 92 ई-रिक्शा दीदियां आत्मनिर्भरता की मिसाल बन रही हैं। वहीं जशपुर के बगिया में रक्षाबंधन के अवसर पर 50 बहनों को ई-रिक्शा दिए गए हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत हो रहे निर्माण का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में रोजाना करीब 1600 आवास बनाए जा रहे हैं। इन निर्माण कार्यों में इस्तेमाल होने वाली सेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से स्व-सहायता समूहों की महिलाएं भी आय अर्जित कर रही हैं।
महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री पर 50% छूट
सीएम साय ने कहा कि सरकार महिलाओं को उद्यमी बनाने पर भी जोर दे रही है। महिलाओं के नाम जमीन की रजिस्ट्री कराने पर पंजीयन शुल्क में 50 प्रतिशत की छूट दी जा रही है। उनके मुताबिक, पिछले ढाई वर्षों में करीब 30 हजार महिलाओं के नाम पर रजिस्ट्रियां हुई हैं। उन्होंने बताया कि छत्तीसगढ़ की नई औद्योगिक विकास नीति में महिला उद्यमियों के लिए विशेष रियायतों और प्रोत्साहनों का प्रावधान है। प्रदेश को अब तक करीब 8.50 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिलने की बात भी मुख्यमंत्री ने कही।
नक्सलवाद के अंत से बस्तर में विकास की नई शुरुआत
मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद लंबे समय तक छत्तीसगढ़ के विकास में बड़ी बाधा रहा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की इच्छाशक्ति, सुरक्षा बलों के साहस और जनता के सहयोग से नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक सफलता मिली है। उन्होंने कहा कि जिन इलाकों में पहले हिंसा और भय का माहौल था, वहां अब शांति और विकास की शुरुआत हुई है। सरकार सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, संचार और आजीविका से जुड़ी सुविधाओं का विस्तार कर रही है। पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आतंकवादियों ने कई बहनों का सिंदूर उजाड़ा, लेकिन भारत ने आतंकवाद के खिलाफ दृढ़ता से जवाब दिया। उन्होंने कहा कि भारत शांति में विश्वास करता है, लेकिन देश की सुरक्षा और स्वाभिमान को चुनौती देने वालों को जवाब देना भी जानता है।
मातृशक्ति के बिना विकसित छत्तीसगढ़ संभव नहीं
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का संकल्प लिया है। इसी दिशा में छत्तीसगढ़ भी विकसित भारत के निर्माण में अपनी भूमिका निभा रहा है। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक, खनिज और वन संपदा से समृद्ध है। प्रदेश के लोगों की सरलता और आत्मीयता ने छत्तीसगढ़ को अलग पहचान दी है। सीएम साय ने कहा कि विकसित छत्तीसगढ़ का सपना मातृशक्ति के सशक्तिकरण के बिना पूरा नहीं हो सकता। सरकार का लक्ष्य है कि प्रदेश की हर माता-बहन को सम्मान और सुरक्षा मिले। वे आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनें और अपनी प्रतिभा व सामर्थ्य के मुताबिक आगे बढ़ने के अवसर हासिल करें।


