रायपुर। राज्य स्तरीय शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय आज ग्राम बगिया के उसी स्कूल कैंपस में पहुंचे जहां कई बरस पहले उन्होंने अपनी पांचवी कक्षा की पढ़ाई की थी। उन्होंने बताया कि स्कूल को साफसुथरा रखने हम लोग घर से गोबर लाकर लिपाई करते थे।

स्कूल के रखरखाव की पूरा गांव चिंता करता था और छत की मरम्मत गांव वाले मिलकर करते थे। टाटपट्टी भी नहीं थी, घर से बोरी लेकर आते थे, सीसी रोड भी नहीं था। पांचवी बोर्ड का सेंटर भी नहीं था और सेरामोंगरा जाना पड़ता था। अब शिक्षा के लिए इतनी सुविधाएं उपलब्ध हुई हैं तो अच्छा लगता है।

मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर जशपुर में दिव्यांग आदर्श आवासीय विद्यालय की घोषणा के साथ ही ग्राम बगिया और बंदरचुआ के स्कूल को आदर्श विद्यालय बनाने की घोषणा भी की। साथ ही उन्होंने फरसाबहार में हायरसेकेंडरी स्कूल की घोषणा भी की। अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने कहा कि आज का दिन मेरे और बगिया वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। मैंने बगिया में पांचवीं तक की पढ़ाई की है। शिक्षा मात्र डिग्री या नौकरी हासिल करने के लिए नहीं है। यह जीवन बदलता है। आप शिक्षित और अशिक्षित व्यक्ति के जीवन स्तर को देखकर स्वयं भी अंदाजा लगा सकते हैं कि शिक्षा का जीवन में कितना महत्व है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन काल से ही हमारा देश शिक्षा के क्षेत्र में विश्वगुरु रहा है। नालंदा और तक्षशिला से शिक्षा प्राप्त कर बहुत से लोग आगे बढ़े।

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उन्होंने कहा कि हमारी सरकार ने नई शिक्षा नीति के माध्यम से शिक्षा के विकास को आगे बढ़ाया है। इससे अब साल में दो बार बोर्ड परीक्षा आयोजित होगी। इससे विद्यार्थियों को अपनी दक्षता सुधारने का बेहतर अवसर मिलेगा। विद्यार्थियों की समझ और ज्ञान को विकसित करने किताबों में उनकी स्थानीय भाषाओं का समावेश किया गया है। शिक्षा की गुणवत्ता को बढ़ाने राज्य में 211 पीएमश्री विद्यालय संचालित किए जा रहे हैं। समर कैंप का आयोजन कर विद्यार्थियों की प्रतिभा को निखारने और आगे बढ़ाने की दिशा में काम किया जा रहा है। उन्होंने मंच से सभी को बताया कि 6 अगस्त को सभी स्कूलों में पीटीएम का आयोजन किया जाएगा। जिसमें बच्चों के अभिभावकों को शिक्षक बताएंगे कि उनके बच्चे कैसे पढ़ाई करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों में न्योता भोज का आयोजन भी किया जा रहा है। कोई भी अपने जन्मदिन और अन्य विशेष दिन में स्कूली विद्यार्थियों को न्यौता भोज दे सकते हैं। मुख्यमंत्री ने जशपुर जिले के पदमश्री जागेश्वर यादव को मंच पर अपने पास बुलाकर कहा कि इन्होंने हॉफ पेंट पहनकर और बिना चप्पल पहने विशेष पिछड़ी जनजाति के पहाड़ी कोरवा, बिरहोर जनजाति समाज की निरंतर सेवा की। उनकी सेवा के बदौलत उन्हें राष्ट्रपति ने पद्मश्री से सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक व्यक्ति चाहे तो दूसरों की भलाई करके भी बहुत आगे बढ़ सकता है। आप भी इनसे बहुत कुछ सीख सकते हैं।

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शाला प्रवेशोत्सव के मौके पर मुख्यमंत्री की धर्मपत्नी कौशल्या साय ने भी अपना संबोधन दिया। उन्होंने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई लिखाई पर ही ध्यान दें, अन्य बच्चों से तुलना न करें। हर बच्चे की अपनी क्षमता और विशिष्टता होती है। इसे ध्यान देकर बच्चों की पढ़ाई पर फोकस करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।