करुणा शुक्ला

रायपुर। छत्तीसगढ़ में कोरोना का कहर रुकने का नाम नहीं ले रहा है। इस संक्रामक रोग से पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की भतीजी व कांग्रेस नेत्री करुणा शुक्ला का सोमवार देर रात निधन हो गया। करूणा शुक्ला के निधन पर मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने उन्हें श्रद्धांजलि दी है।

निष्ठुर कोरोना ने लील लिया “चाची” को

मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने ट्वीट कर लिखा है कि मेरी करुणा चाची यानी करुणा शुक्ला जी नहीं रहीं। निष्ठुर कोरोना ने उन्हें भी लील लिया। राजनीति से इतर उनसे बहुत आत्मीय पारिवारिक रिश्ते रहे और उनका सतत आशीर्वाद मुझे मिलता रहा। ईश्वर उन्हें अपने श्रीचरणों में स्थान दें और हम सबको उनका विछोह सहने की शक्ति।

लंबा सफर रहा राजनीति का

भाजपा से सांसद रहीं करुणा शुक्ला तीस साल तक पार्टी से जुड़े रहने के बाद भाजपा से निकलकर फरवरी, 2014 में कांग्रेस में शामिल हो गई थीं।
बीते विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने करुणा शुक्ला को पूर्व सीएम रमन सिंह के खिलाफ चुनावी मैदान में उतारा था। लेकिन उन्हें हार का सामना करना पड़ा। भाजपा नेता के तौर पर उन्होंने 2004 में जांजगीर से लोकसभा चुनाव जीता लेकिर 2009 में वह कोरबा से हार गईं थी।

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मुंगेली शुक्ला परिवार में हुआ था विवाह

वरिष्ठ नेत्री करुणा शुक्ला का विवाह मुंगेली में प्रतिष्ठित शुक्ला परिवार में हुआ था। जिसके चलते मुंगेली से उन्हें विशेष लगाव रहा। वे प्रदेश कार्यसमिति सदस्य गिरीश शुक्ला की भाभी थी।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।