रायपुर। छत्तीसगढ़ के नगरीय निकाय चुनावों में जहां भाजपा के प्रत्याशी निर्विरोध निर्वाचित हो रहे हैं, वहीं आरंग विधानसभा के समोदा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 15 में भाजपा के पार्षद प्रत्याशी हेमलाल मिरी ने अपना नामांकन वापस ले लिया। उनके नामांकन वापस लेने के कारण कांग्रेस प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक निर्विरोध पार्षद निर्वाचित हो गए, जिससे भाजपा में हलचल मच गई।

बताया जा रहा है कि नामांकन वापसी के बाद हेमलाल मिरी गायब हो गए थे, और इस मामले की शिकायत भाजपा समोदा मंडल ने आरंग पुलिस थाने में की थी। भाजपा ने आरोप लगाया कि हेमलाल मिरी के गायब होने के पीछे कांग्रेस प्रत्याशी सत्येंद्र चेलक और उनके भाई संजय चेलक का हाथ था। हालांकि, शनिवार की देर शाम हेमलाल मिरी अपने पिता के साथ आरंग थाना पहुंचे। उन्होंने भाजपा नेता और कार्यकर्ताओं पर उनके परिवार पर दबाव डालने का आरोप लगाया, जिसके बाद क्षेत्रीय राजनीति में तकरार बढ़ गई।

हेमलाल मिरी ने अपनी शिकायत में कहा कि वे समोदा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 11 से भाजपा पार्षद पद के लिए दावेदारी कर रहे थे, लेकिन भाजपा के कुछ नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उन्हें वार्ड नंबर 15 से टिकट दिया, जहां उनका कोई जनाधार नहीं था। इसके बाद, उन्होंने परिवार और कार्यकर्ताओं की सहमति से बिना किसी दबाव के अपना नामांकन वापस लिया।

इस पूरे घटनाक्रम पर आरंग टीआई राजेश सिंह ने कहा कि हेमलाल मिरी के गायब होने की शिकायत उनके परिजनों ने नहीं की थी। शनिवार को हेमलाल अपने पिता के साथ थाने पहुंचे और बयान दिया कि उन्होंने अपनी मर्जी से समोदा नगर पंचायत के वार्ड नंबर 15 से नामांकन वापस लिया है। हेमलाल ने उनके अपहरण की अफवाह को भी गलत बताया।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।