रायपुर। नक्सलियों द्वारा शांति वार्ता के लिए जारी प्रेस नोट पर कांग्रेस ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि बस्तर में शांति स्थापना के लिए सरकार को इस प्रस्ताव पर गंभीरता से विचार करना चाहिए। कांग्रेस का मानना है कि अगर यह प्रस्ताव प्रमाणिक है, तो दोनों पक्षों को संवाद के लिए आगे आना होगा। अब अंतिम निर्णय सरकार को लेना है।

बस्तर की शांति के लिए ठोस निर्णय ले सरकार

नक्सलियों के इस प्रस्ताव पर प्रतिक्रिया देते हुए कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने कहा कि यदि नक्सलियों की ओर से ठोस प्रस्ताव आया है, तो सरकार को इस पर विचार करना चाहिए। उन्होंने कहा कि यह सरकार पर निर्भर करता है कि वह नक्सलियों के शांति वार्ता के मकसद को समझे और बस्तर की शांति के लिए उचित निर्णय ले।

शांति वार्ता के लिए नक्सलियों ने रखी शर्तें

नक्सलियों की ओर से जारी प्रेस नोट के अनुसार, उन्होंने सरकार से सुरक्षाबलों के अभियानों को रोकने की अपील की है। सीपीआई (माओवादी) केंद्रीय समिति के प्रवक्ता अभय द्वारा जारी इस नोट में ‘ऑपरेशन कगार’ को रोकने की मांग की गई है। उनका दावा है कि इस अभियान के तहत आदिवासी समुदायों के खिलाफ हिंसा हुई है। नक्सली सुरक्षा बलों की वापसी और आतंकवाद विरोधी अभियानों को रोकने की मांग कर रहे हैं।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।