रायपुर। उप-मुख्यमंत्री विजय शर्मा का कहना है कि पिछले 5 वर्षों में कांग्रेस शासन में सड़कों का निर्माण रुका पड़ा था। हमारी सरकार बनी तो मात्र 4 माह के अल्प समय में हमने नक्सल प्रभावित क्षेत्र के 11 सड़कों का निर्माण पूर्ण कर लिया है।

उन्होंने आगे कहा कि नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में सड़क निर्माण में सबसे बड़ी बाधा सुरक्षा को लेकर थी। इस दिशा में सबसे बड़ा प्रयास हमने यह किया कि इसके लिए योजना बनाकर अब संयुक्त बैठक प्रारंभ की है, जिसमें गृह विभाग और पंचायत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एक साथ बैठते हैं। इसमें एडीजी नक्सल विवेकानंद, आईजी एसआईबी ओपी पाल और पंचायत विभाग की प्रमुख सचिव निहारिका बारिक रायपुर व दंतेवाड़ा में विभागों की संयुक्त बैठक लेकर सड़कें चिन्हित करते हैं, उन्हें सुरक्षा देते हैं और के.के. कटारे के नेतृत्व में निर्माण तेजी से पूर्ण कराते हैं।

संयुक्त बैठकों में अब तक कुल 85 सड़कों को चिन्हित किया गया है, जिसमें से 259.90 किलोमीटर की 40 सड़कों का निर्माण प्रगति पर है। यह सभी सड़कें दुर्गम नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में हैं। यह विकास की रफ्तार गांव तक पहुंचाने का एक अभिनव प्रयास है। यह विषय महत्वपूर्ण कि अबूझमाड़ जैसे दुर्गम क्षेत्र जहां आजादी के बाद आज तक शासन नहीं पहुंच पाया वहां सर्वे करके केंद्र सरकार की जनमन योजना के तहत 9 सड़क स्वीकृत की गई हैं, जिनमें 4 का निर्माण प्रारंभ हो चुका है। साथ ही 6 और सड़कों का प्रस्ताव केंद्र को भेजा गया है।

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पुलिस बल की सुरक्षा में जिन 11 सड़कों का निर्माण पूर्ण किया गया है उनमें कांकेर, भानुप्रतापपुर और कोंडागांव जिला अंतर्गत एक-एक सड़क, दंतेवाड़ा जिले में 3 सड़क तथा सुकमा जिले में 5 सड़कें शामिल हैं। इनमें कांकेर जिले में किसकोड़ो से कोटखुरसाई तक, भानुप्रतापपुर जिले में बड़गांव प्रतापपुर रोड बड़ेझारकट्टा तक, कोंडागांव जिले में कोंडागांव कोरमेल रोड से स्कूल पारा मातवाल से गुनिया पारा कुदुर तक, जिला दंतेवाड़ा में सुरनार से पटेल पारा तक, कोरीरास किद्रीरास रोड से छोटेबेडमा तक, कवलनार से झिरका तक, जिला सुकमा में डोलेरास से पेडलनार तक, धनिकोडाता से डेंगोपारा तक, कांहीगुड़ा मार्ग, चिकपल्ली मार्ग, मोशलपारा से सोब्बीरासपारा तक सड़क निर्माण पूर्ण किया गया है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।