ऑनलाइन ठगी

कोरबा। अगर आप ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए हैं और अगर सही समय पर इसकी सूचना पुलिस या NCCRP को दे देते हैं, तो आपसे ठगी करके लिए गए पैसे वापस मिल सकते हैं। ऐसा ही एक वाकया ऊर्जा नगरी कोरबा में हुआ जहां सायबर सेल द्वारा एक व्यापारी से ठगी किए गए 2 लाख 25 हजार रूपए को NCCRP पोर्टल के माध्यम से वापस कराया गया है।

पुलिस अधीक्षक कोरबा, संतोष सिंह द्वारा साइबर सेल के नोडल अधिकारी अभिषेक वर्मा को निर्देशित किया गया है कि सायबर ठगी से संबंधित मामलों में त्वरित कार्यवाही कर रकम वापसी कराने का प्रयास किया जाए। निर्देश के पालन में सायबर सेल प्रभारी उपनिरीक्षक कृष्णा साहू द्वाराअपनी टीम के साथ लगातार सायबर ठगी संबंधी अपराधों में पीड़ितों की रकम वापसी का प्रयास किया जा रहा है ।

ट्रांसपोर्ट नगर कोरबा में इलेक्ट्रॉनिक सामानों की दुकान पोस्टर पॉइंट चलाने वाले हरविंदर सिंह को ठगों द्वारा सामान सप्लाई करने का झांसा देकर 2 लाख 25 हजार रूपए ठगी कर अपने खाते में जमा करा लिया गया था, व्यापारी को जैसे ही ठगी का एहसास हुआ रात करीब 11:30 बजे उसके द्वारा सायबर सेल प्रभारी कृष्णा साहू से संपर्क किया गया।

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साइबर ठगी का शिकार हुए हरविंदर सिंह

कारगर साबित हुआ NCCRP पोर्टल

साइबर सेल टीम द्वारा रात्रि में ही उक्त व्यापारी से हुई ठगी के संबंध में डिटेल प्राप्त NCCRP पोर्टल में जानकारी अपलोड कर उक्त खाते को ब्लॉक करवाया गया। इसके बाद संबंधित बैंक द्वारा जांच पश्चात 07 दिवस के भीतर ठगी किए गए संपूर्ण रकम 2 लाख 25 हजार रूपए को व्यापारी के खाते में वापस जमा किया गया। व्यापारी ने पुलिस का धन्यवाद ज्ञापित किया है।

बिजली बिल बकाया के नाम पर लगाया चूना

साइबर ठगी का ऐसा ही मामला कोरबा जिले के बांकीमोंगरा इलाके में सामने आया, जहां कलेश्वर सिंह नामक शख्स को बिजली बिल बकाया होने की सूचना साइबर ठगों द्वारा देते हुए अपना मोबाइल नंबर दिया गया। इस नंबर पर संपर्क करते ही ठगों ने कलेश्वर को अपने झांसे में लिया और उनसे QUICK SUPPORT नमक सॉफ्टवेयर मोबाइल पर डाउनलोड करवा लिया। इसके बाद मोबाइल का कंट्रोल ठगों के हाथों चला गया और ऐसा करके कलेश्वर के खाते से 76 हजार रूपये गायब कर दिए गए।

ऑनलाइन खरीदी करके फंसा ठग

ठगी के शिकार कलेश्वर ने इसकी सूचना साइबर सेल को दी। साइबर सेल प्रभारी कृष्णा साहू ने TRP न्यूज़ को बताया कि इस मामले में भी NCCRP पोर्टल की मदद ली गई। दरअसल साइबर ठग ने अपना काम करने के बाद ठगी गई रकम से Flipcart से खरीदी का आर्डर दे दिया, चूंकि NCCRP पोर्टल और पुलिस ने तत्काल मामले को संज्ञान में लिया, इसलिए तत्काल Flipcart से संपर्क करके खरीदी को कैंसल कराया गया और पैसे को होल्ड करते हुए उसे कलेश्वर को वापस करने की प्रक्रिया शुरू की गई।

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ठगी का शिकार कलेश्वर सिंह

आप भी ले सकते हैं NCCRP की मदद

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल (NCCRP) देशभर में ऑनलाइन ठगी का शिकार हुए लोगों की मदद करता है। ऐसी ठगी का शिकार हुए लोगों के लिए NCCRP ने टॉल फ्री नंबर 1930 जारी किया है। इस पर आप सीधे संपर्क कर सकते हैं। अगर आप साइबर क्राइम का शिकार हुए हैं, तो तत्काल 1930 नंबर पर संपर्क करें, जहां आपसे पूरी जानकारी लेकर शिकायत दर्ज की जाएगी। NCCRP पोर्टल में उपलब्ध ईमेल एड्रेस www.cybercrime.gov.in पर पीड़ित भी सीधे शिकायत दर्ज करा सकते हैं दरअसल इस पोर्टल पर देशभर की पुलिस और सारे बैंक जुड़े हुए हैं। नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्ट पोर्टल (NCCRP) पर जानकारी दर्ज होते ही संबंधित बैंक और इलाके की पुलिस सक्रिय हो जाते हैं।

साइबर सेल के प्रभारी कृष्णा साहू ने बताया कि ठगों ने अगर पैसे अपने खाते में जमा करके निकाल लिया है तो रकम वापस मिलने की संभावना कम होती है, वहीं अगर ठगों के खाते में रकम पड़ी है तो उसे तत्काल होल्ड कर दिया जाता है। इसके अलावा अगर रकम से कोई ऑनलाइन खरीदी की जाती है, तो भी संबंधित कंपनी को सूचना देकर खरीदी कैंसल करा दी जाती है और बैंक के माध्यम से संबंधित रकम को तमाम औपचारिकताओं को पूरा करके पीड़ित को लौटा दी जाती है। तो आप भी रहिए सतर्क और पहले तो ऐसे साइबर ठगों के झांसे में आने से बचें, वहीं अगर ठगी का शिकार हो भी गए हैं तो तत्काल 1930 नंबर पर NCCRP से संपर्क करें, साथ ही स्थानीय पुलिस को भी इसकी सूचना दें, आपके पैसे आपको वापस मिल सकते हैं।

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