महासमुंद में मौत का फरिश्ता बना दंतैल हाथी, दर्जनों गांवों में मुनादी, दहशत में रतजागा कर रहे ग्रामीण

रायपुर/महासमुंद। छत्तीसगढ़ में जंगली हाथियों का उत्पात कम नहीं हो रहा है। प्रदेश के सरगुजा, कोरबा, कोरिया, बस्तर, महासमुंद जिले इससे सर्वाधिक प्रभावित हैं, जहां ग्रामीण रात को चैन की नींद नहीं ले पा रहे हैं। बता दें कि छत्तीसगढ़ में 2015 से अब तक हाथियों ने 26 लोगों को कुचलकर मार डाला।

ताजा मामले में महासमुंद वन परिक्षेत्र में बिगड़े दंतैल हाथी मौत का फरिश्ता बना हुआ है। हालांकि वन विभाग के गांवों में मुनादी करवाकर लोगों को सतर्क रहने कहा है। बता दें कि शनिवार रात महासमुंद के महादेव पठार से आ रहे 3 बाइक सवार गौरखेड़ा के पास अचानक सामने आए हाथी ने महासमुंद निवासी बुजुर्ग राजू विश्वकर्मा को पटककर मार डाला।

इस घटना के बाद चंद ही घंटों के भीतर उसी हाथी ने झालखम्हारिया खार में परमेश्वर नाम के ग्रामीण को कुचल डाला, जिससे मौके पर ही उसकी मौत हो गई। हालांकि वन विभाग हाथी के लगातार विचरण को देखते हुए आसपास के दर्जनों गांवों में मुनादी कराकर लोगों को सतर्क कर रहा है। बावजूद इसके लोगों में दहशत बनी हुई है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।