रायपुर। छत्तीसगढ़ विधानसभा के बजट सत्र का 11वां दिन काफी हंगामेदार रहा। सदन में उस वक्त अजीब स्थिति बन गई जब विपक्ष ने अमानक चावल और धान के उठाव में देरी का मुद्दा उठाकर सरकार को घेर लिया। सक्ती जिले के विधायक रामकुमार यादव ने तो यहाँ तक दावा कर दिया कि उनके क्षेत्र में 30 करोड़ रुपये का धान चूहे चट कर गए। खाद्य मंत्री दयालदास बघेल से संतोषजनक जवाब न मिलने पर नेता प्रतिपक्ष चरणदास महंत के नेतृत्व में विपक्षी विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

रिसाइक्लिंग और धान उठाव पर छिड़ी बहस

बता दें कि प्रश्नकाल के दौरान विधायक रामकुमार यादव ने धान उठाव पर लगी रोक का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि देरी की वजह से समितियों में रखा धान बारिश में खराब हो रहा है।

मंत्री का तर्क: खाद्य मंत्री दयालदास बघेल ने बताया कि ‘रिसाइक्लिंग’ (पुराने चावल को नए धान के बदले खपाने की कोशिश) की शिकायतों की वजह से उठाव को कुछ समय के लिए रोका गया था।

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विपक्ष का प्रहार: रामकुमार यादव ने सवाल किया कि क्या सक्ती जिले में धान खराब करने वाले दोषी अधिकारियों पर एफआईआर (FIR) दर्ज की जाएगी? उन्होंने आरोप लगाया कि जब उठाव नहीं होता, तो धान खुले में सड़ता है और उसे चूहे खा जाते हैं।

नेता प्रतिपक्ष महंत ने सरकार को घेरा

गौरतलब है कि नेता प्रतिपक्ष डॉ. चरणदास महंत ने भी इस मामले में दखल दिया। उन्होंने पूछा कि विभाग को किन-किन स्थानों पर रिसाइक्लिंग की सूचना मिली है? उन्होंने कहा कि 17 तारीख से उठाव रुकने की वजह से असली परेशानी किसानों और समितियों को हो रही है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि खरीदी बंद नहीं हुई थी, केवल उठाव पर प्रक्रिया के तहत रोक लगी थी।

अमानक चावल के मुद्दे पर पूर्व CM ने घेरा

पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने अमानक चावल का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि इसमें राइस मिलर्स समेत कई अधिकारी शामिल है। उन्होंने मंत्री दयाल दास बघेल से पूछा कि क्या यह प्रकरण पुलिस को सौपा जाएगा क्या। इस पर मंत्री ने दोषी पर कार्रवाई की बात कहीं। जिसके बाद भूपेश बघेल ने लीपापोती का आरोप लगाया। और नेता प्रतिपक्ष के नेतृत्व में कांग्रेस विधायकों ने सदन से वॉकआउट कर दिया।

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बस्तर में आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति पर सवाल

वॉकआउट से पहले विधानसभा में बस्तर संभाग के आंगनबाड़ी केन्द्रों की स्थिति को लेकर भी चर्चा हुई। विधायक लखेश्वर बघेल ने कहा कि बस्तर में 2209 आंगनबाड़ी केन्द्र बिना भवन के संचालित हो रहे हैं, जबकि 1021 भवन जर्जर हालत में हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई केन्द्रों में पेयजल और शौचालय जैसी मूलभूत सुविधाएं भी उपलब्ध नहीं हैं।

मंत्री ने दी यह जानकारी

महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े ने जवाब देते हुए कहा कि कई आंगनबाड़ी भवनों के निर्माण और मूलभूत सुविधाओं के लिए स्वीकृतियां दी जा चुकी हैं। उन्होंने कहा कि बजट उपलब्धता के अनुसार भवन निर्माण और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं की जाएंगी।

नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।