Tara Coal Block: प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने छत्तीसगढ़ में तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या राज्य का विकास केवल जंगलों की बलि देकर और आदिवासियों को बेघर करके ही संभव है?
उन्होंने आरोप लगाया कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी से पहले स्थानीय ग्राम सभाओं की सहमति और जल-जंगल-जमीन सुरक्षा से जुड़ी रिपोर्ट को जानबूझकर सार्वजनिक नहीं किया गया है।
उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने और पर्यावरण विनाश का आरोप
दीपक बैज ने आरोप लगाया कि यह फैसला स्थानीय आदिवासियों और पर्यावरण की कीमत पर केवल चुनिंदा उद्योगपतियों को लाभ पहुँचाने के लिए लिया गया है। उन्होंने तंज कसते हुए पूछा कि क्या ‘मोदी की गारंटी’ में छत्तीसगढ़ के जंगलों और खनिजों की खुली बोली लगाना भी शामिल था? कांग्रेस नेता ने चेताया कि जल, जंगल और जमीन की सुरक्षा में लगे आदिवासी समाज का जबरिया विस्थापन और स्थानीय पर्यावरण का विनाश कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
पिछली कांग्रेस सरकार के फैसलों का दिया हवाला
कांग्रेस अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि उनकी पूर्ववर्ती सरकार ने हमेशा छत्तीसगढ़िया स्वाभिमान, आदिवासियों के अधिकारों और पर्यावरण संरक्षण को सर्वाेपरि रखा था। उन्होंने बताया कि 23 जून 2023 को कांग्रेस सरकार ने तारा सहित छत्तीसगढ़ के 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से अलग रखने का पत्र भेजा था। इसके अलावा 26 जुलाई 2022 को विधानसभा में सर्वसम्मति से प्रस्ताव पारित कर मांग की गई थी कि हसदेव-अरण्य में किसी भी कोल ब्लॉक का आवंटन या नीलामी न की जाए।

डी-नोटिफाई खदानों को फिर से नीलाम करने का आरोप
दीपक बैज ने आगे कहा कि 19 अक्टूबर 2023 को केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉक्स को नीलामी प्रक्रिया से डी-नोटिफाई कर दिया था, लेकिन राज्य में सरकार बदलते ही इसे फिर से नीलामी के दायरे में ला दिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा छत्तीसगढ़ की आम जनता के लिए नहीं, बल्कि कॉरपोरेट मित्रों और विशेषकर अडानी के मुनाफे के लिए सरकार चला रही है।
पांचवीं अनुसूची और पेसा कानून की उपेक्षा का आरोप
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कड़े शब्दों में कहा कि तारा कोल ब्लॉक की नीलामी छत्तीसगढ़िया हितों और आदिवासी समाज की पीठ में छुरा घोंपने जैसा है। पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा (PESA) कानून के तहत प्रदत्त ग्राम सभाओं के संवैधानिक अधिकारों को पूरी तरह दरकिनार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरगुजा के स्वाभिमान और स्थानीय जैव-विविधता के साथ हो रहे इस खिलवाड़ को कांग्रेस पार्टी सड़क से लेकर सदन तक पुरजोर तरीके से उठाएगी।
- तारा कोल ब्लॉक की नीलामी को लेकर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने भाजपा सरकार पर छत्तीसगढ़िया अस्मिता और आदिवासियों के अधिकारों के हनन का आरोप लगाया है।
- कांग्रेस सरकार ने 23 जून 2023 को तारा सहित छत्तीसगढ़ के 9 कोल ब्लॉकों को नीलामी से अलग रखने के लिए पत्र लिखा था।
- छत्तीसगढ़ विधानसभा में हसदेव-अरण्य को लेकर सर्वसम्मति से प्रस्ताव 26 जुलाई 2022 को पारित किया गया था।
- केंद्रीय कोयला मंत्रालय ने तारा सहित 40 कोल ब्लॉकों को 19 अक्टूबर 2023 को इन ब्लॉकों को नीलामी प्रक्रिया से डी-नोटिफाई किया था।
- दीपक बैज ने पांचवीं अनुसूची के क्षेत्रों में पेसा (PESA) कानून और ग्राम सभाओं के अधिकारों की उपेक्षा का मुद्दा उठाया है।



