Chhattisgarh Pradesh Congress Committee President Deepak Baij
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर हमला बोला

Deepak Baij: छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज ने रायपुर में पत्रकारों से चर्चा करते हुए प्रधानमंत्री और राज्य के मुख्यमंत्री के स्वतंत्रता दिवस उद्बोधनों को बेहद निराशाजनक करार दिया। बैज ने कहा कि प्रधानमंत्री द्वारा युवाओं के आंदोलन को अप्रत्यक्ष रूप से नक्सल विचारधारा से जोड़ना देश की 65 प्रतिशत युवा आबादी का अपमान है। उन्होंने कहा कि सरकार निष्पक्ष परीक्षा प्रणाली देने और रोजगार सृजन में विफल रही है और युवाओं से माफी की मांग की।

संसद से पारित मिनरल संशोधन अधिनियम को बताया छत्तीसगढ़ विरोधी

दीपक बैज ने केंद्र सरकार द्वारा संसद में पारित मिनरल संशोधन अधिनियम का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कहा कि इस कानून के तहत अब राज्य सरकारें अपने खनिजों जैसे कोयला, बॉक्साइट और आयरन ओर पर उपकर (Cess) नहीं लगा सकेंगी। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यह कानून छत्तीसगढ़ के वित्तीय हितों के खिलाफ है और कॉरपोरेट मित्रों को फायदा पहुँचाने के लिए लाया गया है।

धान की बर्बादी और शिक्षकों की पेंशन गणना पर उठाए सवाल

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने राज्य में खरीफ सीजन का लगभग 15 लाख मीट्रिक टन धान खुले में पड़े सड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सभी जिलों में जांच टीमें भेजकर इसका भौतिक परीक्षण कराएगी। इसके अलावा, उन्होंने शिक्षकों के पेंशन मुद्दे पर मांग की कि 2018 के संविलियन के आधार पर केवल 8 वर्ष की सेवा की बजाय, 1998 में सेवा में आने की वास्तविक तिथि से पेंशन की गणना की जानी चाहिए।

(FAQs)

प्र.1: दीपक बैज ने प्रधानमंत्री के भाषण पर क्या आपत्ति जताई?

उ.: उन्होंने कहा कि पीएम ने युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को अप्रत्यक्ष रूप से नक्सल विचारधारा से जोड़कर देश की युवा पीढ़ी का अपमान किया है।

प्र.2: मिनरल संशोधन अधिनियम को लेकर कांग्रेस का क्या रुख है?

उ.: कांग्रेस के अनुसार यह अधिनियम राज्यों को अपने ही खनिजों पर उपकर (Cess) लगाने से रोकता है, जो छत्तीसगढ़ के राजस्व हितों के खिलाफ है।

प्र.3: राज्य में धान के सड़ने को लेकर कांग्रेस ने क्या कदम उठाने का फैसला किया है?

उ.: कांग्रेस सभी जिलों में जांच समितियां भेजकर संग्रहण केंद्रों में पड़े धान का भौतिक परीक्षण (Physical Verification) करवाएगी।

प्र.4: शिक्षकों के पेंशन मुद्दे पर कांग्रेस की मुख्य मांग क्या है?

उ.: कांग्रेस की मांग है कि शिक्षकों की पेंशन की गणना 2018 संविलियन के स्थान पर उनकी प्रथम नियुक्ति तिथि (1998 से) के आधार पर की जाए।

प्र.5: प्रेस वार्ता में कांग्रेस की ओर से कौन-कौन से मुख्य विषय उठाए गए?

उ.: प्रेस वार्ता में पीएम-सीएम के भाषण, मिनरल संशोधन अधिनियम, धान की बर्बादी और शिक्षकों के पेंशन अधिकार जैसे प्रमुख मुद्दे उठाए गए।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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