रायपुर। किसानों के लिए सरकार ने राहत की घोषणा की है। राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए कर्ज भी सरकार माफ करेगी। इतना ही नहीं किसानों के डिफाल्ट लोन भी माफ किए जाएंगे। राष्ट्रीयकृत बैंकों से लिए गए कर्ज के माफी को लेकर किसानों की ओर से आए दिन शिकायतें आ रही थी। जिसे देखते हुए सरकार ने महत्तवपूर्ण फैसला लिया है।

बुधवार को डिफाल्ट लोन माफी को लेकर सरकार की ओर से एक प्रेसवार्ता कर जानकारी दी गई है। कैबिनेट बैठक के बाद कृषि मंत्री रविन्द्र चौबे और खाद्य मंत्री मो. अकबर ने कहा कि विधानसभा चुनाव के पहले हमने कृषि ऋण माफ करने का वादा किया था।

कॉपरेटिव और सार्वजनिक बैंकों के ऋण माफ किये गए। कई सार्वजनिक बैंकों के नान परफार्मिंग खातों जिसे डिफाल्टर भी कह सकते हैं ऐसे 1175 करोड़ के लोन का वन टाइम सेटलमेंट का निर्णय राज्य सरकार ने लिया है। 50 फीसदी राशि सरकार के द्वारा देय होगा।

21 सार्वजनिक बैंको के अलावा आईडीबीआई बैंक को भी शामिल किया गया है। बैंक ये मानकर चलता है कि पैसा जमा होगा ही नहीं लिहाजा राज्य सरकार ने निर्णय लिया है कि 50 फीसदी की राशि देय होगी। साढ़े छह सौ करोड़ रुपये की राशि माफ की जाएगी। सरकार ने करंट लोन को माफ किया था, अब डिफॉल्ट लोन भी माफ कर रहे है जिससे किसानों को नया लोन लेने में दिक्कत न हो।

आपको बता दें कि राष्ट्रीय बैंकों से कर्ज लेने वाले किसानों की ओर से ये शिकायतें आ रही थी कि उन्हें कर्ज पटाने के लिए बैंक वाले फोन कर रहे हैं। उन्हें डिफाल्टर घोषित करने की बात कह रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए आज सरकार तत्काल ने स्पष्ट कर दिया कि सरकार राष्ट्रीय बैंकों को पैसा देगी। किसानों को बैंक वाले परेशान न करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।