CM takes cognizance of complaints regarding Pahadi Korwa families
CM takes cognizance of complaints regarding Pahadi Korwa families

CM takes cognizance of complaints regarding Pahadi Korwa families: रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ क्षेत्र अंतर्गत आमानारा गांव में पहाड़ी कोरवा परिवारों को राशन नहीं मिलने की शिकायत को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने गंभीरता से लिया। उन्होंने रायगढ़ कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी से दूरभाष पर चर्चा कर पूरे प्रकरण की जानकारी ली और मामले में तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। इसके बाद प्रशासनिक अमला हरकत में आया और वंचित कोरवाओं को राशन दिलवाने के साथ ही दुकान संचालक के खिलाफ कार्रवाई की।

मुख्यमंत्री ने इस मामले में प्रभावित पात्र परिवारों को तत्काल राशन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। साथ ही यह भी कहा कि शिकायत से जुड़े वितरण अभिलेखों की समुचित जांच की जाए और यह सुनिश्चित किया जाए कि कोई भी पात्र परिवार अपने हक के खाद्यान्न से वंचित न रहे। ई-पॉस मशीन में दर्ज वितरण और हितग्राहियों को वास्तव में दिए गए खाद्यान्न का मिलान कर किसी प्रकार की अनियमितता सामने आने पर जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाए।

राशन दुकान को किया गया निलंबित

जानकारी मिली है कि जिला कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने मुख्यमंत्री साय को अवगत कराया कि मामले की जांच कराई गई। जांच में शिकायत सही पाए जाने पर संबंधित राशन दुकान को निलंबित कर दिया गया है। साथ ही पहाड़ी कोरवा परिवारों एवं अन्य हितग्राहियों को राशन मिलने में कोई व्यवधान न आए, इसके लिए वैकल्पिक व्यवस्था के रूप में चिड़ोडी की राशन दुकान से संबद्ध किया गया है। मुख्यमंत्री साय ने निर्देश दिए कि इस प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई के साथ ही जिले की सार्वजनिक वितरण प्रणाली की सतत निगरानी की जाए, ताकि ऐसी स्थिति की पुनरावृत्ति न हो। हर हितग्राही को समय पर और गुणवत्ता के साथ राशन वितरण सुनिश्चित हो।

अंगूठा लगवाया और राशन का किया गबन

पिछले दिनों यह खबर आयी थी कि अगस्त महीने में साजापाली के आमानारा में रहने वाले पहाड़ी कोरवा परिवारों को उपभोक्ता भंडार संचालक ने राशन नहीं दिया। ग्रामीणों ने बताया कि राशन देने के नाम पर उनका अंगूठा लगवा लिया गया, लेकिन इसके बाद उन्हें राशन नहीं दिया गया। इससे गांव के पहाड़ी कोरवा परिवारों में नाराजगी देखी गई और राशन वितरण व्यवस्था की पारदर्शिता पर सवाल खड़े हुए।

यह मामला खबरों में सुर्खियां बनाने और सीएम के संज्ञान लेने के बाद जिला प्रशासन हरकत में आया। अब राशन दुकान निलंबित करने के साथ ही वितरण व्यवस्था में बदलाव किया गया है।

‘विशेष पिछड़ी जनजाति को कोई परेशानी न हो’

मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा है कि सार्वजनिक वितरण प्रणाली के माध्यम से प्रत्येक पात्र परिवार को उसके अधिकार का पूरा राशन समय पर मिलना सुनिश्चित किया जाए। विशेष रूप से पहाड़ी कोरवा सहित विशेष पिछड़ी जनजातियों और दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों को राशन प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। राशन वितरण में लापरवाही या अनियमितता पाए जाने पर जिम्मेदारी तय कर तत्काल कार्रवाई की जाए।

मुख्यमंत्री साय ने अधिकारियों को सार्वजनिक वितरण प्रणाली की नियमित निगरानी के निर्देश देते हुए कहा कि शासन द्वारा उपलब्ध कराया जा रहा खाद्यान्न वास्तविक हितग्राही तक निर्धारित मात्रा में और समय पर पहुंचे, यह संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी है। विशेष पिछड़ी जनजातियों की बसाहटों में अधिकारी अतिरिक्त संवेदनशीलता के साथ राशन की उपलब्धता और वितरण की निगरानी करें।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Q1. क्या हुआ था?
साजापाली संचालक ने आमानारा के पहाड़ी कोरवा परिवारों का अंगूठा लगवाकर अगस्त में राशन नहीं दिया।

Q2. CM ने क्या किया?
CM विष्णुदेव साय ने संज्ञान लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।

Q3. क्या कार्रवाई हुई?
जांच में पुष्टि पर राशन दुकान निलंबित, गांव को चिडोडी दुकान से जोड़ा गया।

Q4. CM का निर्देश क्या है?
ई-पॉस और वास्तविक वितरण का मिलान, PDS की सतत निगरानी, विशेष पिछड़ी जनजातियों को परेशानी न हो।

Q5. उद्देश्य क्या था?
हर हितग्राही को समय पर पूरा और गुणवत्तापूर्ण राशन सुनिश्चित करना।