गौरेला-पेंड्रा-मरवाही

रायपुर। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में 20 करोड़ की कूटरचित बैंक गारंटी जमा कर मिलर्स को करोड़ों रुपये का फायदा पहुंचाने का मामला सामने आया है। जिसके बाद जिले के जिला विपणन अधिकारी (डीएमओ) लोकेश कुमार देवांगन को तत्काल प्रभाव निलंबित कर दिया है। दअरसल डीएमओ ने मिलर्स से सांठगांठ कर चार फर्मों को फर्जी तरीके से लाभ पहुंचाने की शिकायत की गई थी।

24 की जगह 44 करोड़ की बैंक गारंटी कराई जमा

पेंड्रा रोड के राइस मिलर्स ने श्याम इंडस्ट्रीज, प्रोपाइटर फकीरचंद, श्याम फूड प्रोडक्ट, प्रोपाइटर गोपाल अग्रवाल, यश राइस मिल, प्रोपाइटर आशीष अग्रवाल और यश माडर्न फूड प्रोपाइटर गोपाल अग्रवाल सभी गौरेला-पेंड्रा-मरवाही के नाम से कस्टम मिलिंग के लिए अनुबंध किया था। बता दें कि मिलर्स ने भारतीय स्टेट बैंक में 24 करोड़ रुपये की बैंक गारंटी बनवाई थी। नियमतः जिला विपणन कार्यालय में जमा करने के बाद ही विधिवत अनुबंध पर हस्ताक्षर होते। मगर जिला विपणन अधिकारी लोकेश कुमार देवांगन ने मिलर्स से मिलकर दस्तावेज में कूटरचना कर 24 करोड़ की जगह 44 करोड़ की बैंक गारंटी जमा कराई।

See also  पीआईसी मेंबर बनाए जाने पर भाजपा पार्षद ने जताई आपत्ति.. दे दिया इस्तीफा... जानिए क्या है अंदर की खबर

इसी के आधार पर चारों फर्म को धान का उठाव, नागरिक आपूर्ति निगम से चावल की आपूर्ति समेत कई करोड़ के काम 2021-22 और 2022-23 में दिए गए। जिले अन्य फर्मों काम नहीं मिलने पर मामले की जांच की गई जिसके बाद ही इस भ्रष्टाचार का खुलासा हुआ। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभागीय सचिव संदीप गुप्ता ने शुक्रवार को एक आदेश जारी कर जिला विपणन अधिकारी को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। बता दें कि निलंबन अवधि में उनका कार्यालय उपप्रबंधक कार्यालय नवा रायपुर रहेगा।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।