सुकमा। अंधविश्वास के चलते दो लोगो को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। दरअसल एक युवती बहुत दिनों से बीमार थी और झाड़-फूंक करने के लिए सुकमा आई हुई थी। यहां पूजा करने के बाद वह तांत्रिक के कहने पर +उफनते नदी में डुबकी मारने नदी में उतरी और तेज बहाव का शिकार हो गई। इस दौरान युवती को बचाने के लिए बैगा भी नदी में उतरा और दोनों तेज बहाव में बहकर डूब गए।

बताया जा रहा है कि शबरी नदी में डुबकी लगाने के दौरान अचानक बैलेंस बिगड़ा और युवती तेज बहाव में बहने लगी। इस तरह से देखते ही देखते युवती और बचाने वाला शख्स दोनों नदी की तेज धार में बह गए।

गोताखोरों की टीम ने युवती का शव बरामद कर लिया और दूसरे व्यक्ति के शव की तलाश शुरू की। ये हादसा गोंगला जाने वाले रास्ते में सीआरपीएफ द्वितीय वाहिनी कैंप से आगे कुछ दूरी पर शबरी नदी में हुआ। युवती कई दिनों से बीमार चल रही थी। पड़ोसी राज्य में इलाज करवाने के बाद भी वह ठीक नहीं हो रही थी। इसके बाद, झाड़-फूंक करने के लिए वह सुकमा स्थित सुन्दर नगर में बैगा गुनिया के पास आई थी।

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मृतका के परिजन महेश लेकाम ने बताया कि वडे गुनिया से करीब पांच दिनों के झाड़ फूंक के बाद शनिवार को अंतिम पूजा करने उसे शबरी नदी के किनारे ले जाया गया। यहां पूजा की प्रक्रिया पूरा करने के बाद युवती को नदी में डुबकी लगाने के लिए कहा गया। इस दौरान युवती का बैलेंस बिगड़ गया और वह तेज बहाव में चली गई और उसे बचाने की कोशिश करने वाला तांत्रिक भी डूब गया।

दोनों के डूबने की शिकायत तत्काल पुलिस को दी गई। उसके बाद मौके पर नगर सेना एवं गोताखोरों की टीम पहुंची और शव ढूंढने का काम शुरू किया गया। घटना के बाद मौके पर थाना प्रभारी और तहसीलदार सहित कई अधिकारी मौजूद रहे।