Students protest over teacher shortage at Atmanand School in Durg
Students protest over teacher shortage at Atmanand School in Durg

Durg School News: छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिले में शिक्षकों की कमी को लेकर पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल के छात्र-छात्राओं ने 5 दिन के भीतर दूसरी बार चक्काजाम कर दिया। स्कूल में 9वीं से 12वीं तक की कक्षाएं लगती हैं और करीब 400 बच्चे पढ़ते हैं, लेकिन यहां सिर्फ 5 शिक्षक हैं। छात्रों का कहना है कि शिक्षकों की कमी के कारण उनका कोर्स समय पर पूरा नहीं हो पा रहा है। उनका दावा है कि स्कूल में कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए।

शिक्षकों की संख्या बढ़ाने की मांग को लेकर छात्रों ने 21 अगस्त को भी खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग पर प्रदर्शन किया था। मांग पूरी नहीं होने पर मंगलवार, 25 अगस्त को उन्होंने दोबारा सड़क जाम कर दिया। यह मार्ग बेमेतरा और धमधा को जोड़ता है। चक्काजाम के कारण सड़क पर लंबा जाम लग गया।

मांग पूरी नहीं हुई तो फिर सड़क पर उतरे

छात्रों के मुताबिक 21 अगस्त के प्रदर्शन के बाद प्रशासन के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और उनकी समस्याएं सुनी थीं। छात्रों को उम्मीद थी कि स्कूल में शिक्षकों की कमी दूर की जाएगी। लेकिन 25 अगस्त तक स्थिति में बदलाव नहीं हुआ। इसके बाद नाराज छात्र-छात्राओं ने दोबारा चक्काजाम कर दिया। उनका कहना है कि वे पढ़ाई छोड़कर सड़क पर बैठना नहीं चाहते, लेकिन पर्याप्त शिक्षक नहीं होने से उनकी पढ़ाई और भविष्य प्रभावित हो रहा है। प्रदर्शन कर रही छात्राओं ने साफ कहा कि वे कलेक्टर और शिक्षा मंत्री के अलावा किसी और से बात नहीं करेंगी।

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400 छात्रों के लिए सिर्फ 5 शिक्षक

पेंड्रावन के आत्मानंद स्कूल में 9वीं से 12वीं तक पढ़ाई होती है। यहां करीब 400 छात्र-छात्राएं हैं, जबकि स्कूल में सिर्फ 5 शिक्षक हैं। छात्रों का कहना है कि इतनी कम संख्या में शिक्षकों के कारण सभी विषयों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है और समय पर कोर्स पूरा करना मुश्किल हो रहा है। छात्रों के मुताबिक स्कूल में कम से कम 17 शिक्षक होने चाहिए।

ओपन स्कूल बंद करने की भी मांग

छात्रों का आंदोलन सिर्फ शिक्षकों की संख्या बढ़ाने तक सीमित नहीं है। वे ओपन स्कूल बंद करने की मांग भी कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि स्कूल में उपलब्ध कुछ शिक्षकों को ओपन स्कूल में भी भेज दिया जाता है। इससे पहले से ही कम शिक्षकों की संख्या और कम हो जाती है और नियमित विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित होती है। छात्रों का कहना है कि वे स्कूल में नियमित और पर्याप्त पढ़ाई चाहते हैं। उनके मुताबिक उनका आंदोलन किसी राजनीतिक मुद्दे को लेकर नहीं, बल्कि पढ़ाई और भविष्य से जुड़ी समस्याओं को लेकर है।

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21 अगस्त को भी किया था चक्काजाम

पेंड्रावन आत्मानंद स्कूल के छात्रों ने 21 अगस्त को भी शिक्षकों की कमी के खिलाफ खैरागढ़-धमधा मुख्य मार्ग जाम किया था। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़क पर बैठ गए थे। उस समय प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे थे और छात्रों से बातचीत की थी। इसके बावजूद चार दिन बाद भी मांग पूरी नहीं हुई। इसके बाद छात्रों ने मंगलवार को फिर आंदोलन शुरू कर दिया।

शिक्षा मंत्री के गृह जिले में प्रदर्शन

पेंड्रावन स्कूल दुर्ग जिले के धमधा क्षेत्र में आता है। दुर्ग शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव का गृह जिला है। छात्रों का कहना है कि स्कूल में पर्याप्त शिक्षक उपलब्ध कराना शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी है। उनका कहना है कि पढ़ाई के लिए उन्हें बार-बार सड़क पर उतरकर अपनी आवाज उठाने की जरूरत नहीं पड़नी चाहिए।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।