रायपुर। Navya Malik Drugs Case: अभी तक पुलिस की जांच के घेरे में रही कथित ड्रग्स क्वीन नाव्या मलिक पर अब प्रवर्तन निदेशालय (ED) का शिकंजा कस गया है। एजेंसी ने इस पूरे ड्रग्स नेटवर्क में हुए पैसों के खेल और मनी लॉन्ड्रिंग की जांच शुरू कर दी है। खबर है कि ईडी ने पुलिस से मामले की चार्जशीट और तमाम अहम दस्तावेज तलब कर लिए हैं।

850 रसूखदारों की धड़कनें बढ़ीं

पुलिस की शुरुआती जांच में नाव्या मलिक के मोबाइल से करीब 850 प्रभावशाली लोगों के नाम सामने आए थे। इनमें शहर के बड़े कारोबारी, होटल मालिक, रईसजादे और कई रसूखदार परिवारों के सदस्य शामिल हैं। ईडी की एंट्री के बाद अब उन लोगों में हड़कंप मच गया है, जिनके नाम पुलिस फाइल में तो हैं, लेकिन अब तक पर्दे के पीछे थे। एजेंसी अब यह खंगालने में जुटी है कि ड्रग्स की कमाई का काला पैसा किन-किन जगहों पर ठिकाने लगाया गया।

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कैसे चलाती थी ड्रग्स का साम्राज्य?

साल 2025 में हुए इस खुलासे ने रायपुर की हाईप्रोफाइल पार्टियों के अंधेरे सच को सामने ला दिया था। कटोरा तालाब इलाके की रहने वाली नाव्या मलिक का कारोबार पूरी तरह डिजिटल था। मोबाइल और एनक्रिप्टेड ऐप्स के जरिए ड्रग्स का आर्डर लिया जाता था। पुलिस ने नाव्या को पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड माना था। नाव्या शहर की पार्टियों में खुद जाकर ड्रग्स सप्लाई करती थी।

30 घंटे की पूछताछ और खुलासा

अगस्त 2025 में जब पुलिस ने हर्ष आहूजा, मोनू विश्नोई और दीप धनोरिया को एमडीएमए के साथ दबोचा, तब नाव्या मलिक का नाम पहली बार सामने आया। पुलिस टीम ने मुंबई जाकर उसे गिरफ्तार किया। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने करीब 30 घंटे तक लंबी पूछताछ की थी। जांच में पता चला था कि विदेशी दौरों के दौरान भी नाव्या का नेटवर्क काफी सक्रिय था।

क्या अब फिर जेल जाएंगे आरोपी?

इस मामले में नाव्या मलिक के अलावा अयान परवेज, विधि अग्रवाल, ऋषिराज टंडन और सोहेल खान जैसे कई लोग पकड़े गए थे। फिलहाल सभी आरोपी हाईकोर्ट से जमानत पर बाहर हैं। लेकिन ईडी की एंट्री के बाद अब कानूनी शिकंजा और मजबूत हो सकता है। सूत्र बताते हैं कि अगर मनी लॉन्ड्रिंग के सबूत पुख्ता मिले, तो जमानत पर चल रहे इन आरोपियों की मुश्किलें फिर बढ़ सकती हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।