विद्युत् संविदा कर्मचारी, Vidyut Samvida Karmachari

रायपुर : विद्युत् संविदा कर्मचारी पिछले 44 दिनों से अपनी नियमितिकरण की मांग को लेकर आंदोलन पर डटे हुए हैं। पिछले दो महीने से आंदोलनरत इन विद्युत् संविदा कर्मचारियों द्वारा कार्यत्याग करने के कारण विद्युत् लाइन की मरम्मत और मेंटनेस दोनों ही प्रभावित हो रही है। लेकिन सरकार और कर्मचारी दोनों ही अपनी ज़िद पर अड़े हुए हैं। न सरकार झुकने को तैयार है न संविदा कर्मचारी हटने को। इसी कड़ी में आज विद्युत् संविदा कर्मचारी लगातार सीएम से मिलने की जिद के साथ हजारों की तादाद में सड़क पर बैठे हुए हैं। विद्युत् संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री उमेश पटेल का कहना है कि “इससे पहले भी हमने सीएम से मिलने की कोशिश की थी। लेकिन तब ADM ने आकर सीएम से बात कराने का आश्वासन देकर हमें शांत कर दिया था। लेकिन आज 1 सप्ताह बीत जाने के बाद भी इस दिशा में कोई पहल नहीं की गई। इस बार जब तक सीएम से बात नहीं हो जाती हम हटेंगे नहीं।”

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बड़ी संख्या में महिला पुलिस तैनात

पुलिस प्रशासन ने आंदोलन को रोकने का गजब पैंतरा खोज निकाला है। पुलिस ने आंदोलनकारियों को रोकने के लिए धरना स्थल पर बड़ी संख्या में महिला पुलिस का तैनाती की है। जबकि आंदोलन में एक भी महिला शामिल नहीं है। यहा महिला पुलिस के अलावा लगभग शहर के हर थाने के थानेदार और बड़ी संख्या में पुरूष पुलिस कर्मी भी तैनात किए गए हैं।

आंदोलन शुरु होते ही लाइन कट

विद्युत् संविदा कर्मचारी संघ के महामंत्री उमेश पटेल ने बताया था कि “जब वे सीएम से मिलने के नाम से आंदोलन शुरु करते हैं। उसके साथ ही उस पूरे क्षेत्र की बिजली काट दी जाती है।” इसकी पड़ताल के जब आज TRP की टीम धरना स्थल पर पहुँची तो पाया की वास्तव में इस दौरान सड़क की बिजली काट दी गई। और आंदोलनकारी अंधेरे में ही टॉर्च जला कर डटे रहे। उमेश पटेल ने टीआरपी को जानकारी दी कि यह सब करने के पीछे विद्युत विभाग के उनके साथी कलेक्टर का आदेश बताते हैं।

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भीड़ के बीच असामाजिक तत्व घुसाने का षड्यंत्र

विद्युत् संविदा कर्मचारियों ने षड्यंत्र की बात करते हुए कहा कि यहां अंधेरे की आड़ में आंदोलनकारियों के बीच असामाजिक तत्व घुसाकर आंदोलन का माहौल खराब करने और अनैतिक रुप से इसका दमन करने का षड्यंत्र रचा जा रहा है। आंदोलन के दौरान संविदा कर्मचारी लगातार वहाँ उपस्थित पुलिस अधिकारियों से सुरक्षा की मांग भी करते रहे। बता दें आज ही दोपहर में चार व्यक्ति फर्जी आइ कार्ड लेकर धरने में धुस गए थे। जिसके बाद आंदेलनकारियों ने ही उन्हें धर दबोचा और पुलिस के हवाले कर दिया था।

रात 8 बजे तक की बातचीत नाकाम

आंदोलन स्थत पर मौजूद अधिकारी लगातार आंदोलनकारियों को समझाते रहे। इस दौरान अधिकारियों ने बार बार इस बात पर जोर दिया कि सीएम के पीए से फोन पर चर्चा करके आंदेलन समाप्त करें। लेकिन आंदोलनकारियों की स्पष्ट मांग है कि या तो कोई प्रतिनिधि अधिकारी उनसे आमने सामने बात करे या फोन पर स्वयं सीएम। इसके साथ ही दोनों ही परिस्थिति में मांग सीएम से भेंट करने की ही होगी। बहरहाल खबर लिखे जाने तक इस बातचीत से कोई हल नहीं निकल पाया है।

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