रायपुर। छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (PSC) की परीक्षा में पूछे गए सवालों में हुई गलतियों को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। आयोग द्वारा जारी प्रश्नपत्र में अंग्रेजी अनुवाद की त्रुटि सामने आई, जिसमें चीता का वैज्ञानिक नाम पूछे जाने के बजाय ‘लेपर्ड’ (तेंदुआ) का वैज्ञानिक नाम पूछा गया। अभ्यर्थियों की आपत्ति के बाद यह प्रश्न विलोपित कर दिया गया।

इतना ही नहीं, इस त्रुटि के चलते कुल 4 सवालों को हटाया गया, जिनमें से 3 प्रश्न पहले प्रश्नपत्र से थे। PSC परीक्षा में हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में समानता बनाए रखना अनिवार्य होता है, लेकिन इस बार अनुवाद में भारी गलती देखी गई। आपत्तियों के निराकरण के बाद संशोधित मॉडल उत्तर जारी कर दिए गए हैं।

विकल्पों में भी पाई गई गलतियां

PSC ने कुछ अन्य सवाल भी हटाए हैं क्योंकि उनके विकल्प गलत थे या उनमें एक से अधिक सही उत्तर थे। प्रारंभिक परीक्षा 9 फरवरी को आयोजित हुई थी, और अब अंतिम उत्तर जारी होने के बाद जल्द ही परिणाम घोषित किए जाएंगे। इसके बाद मुख्य परीक्षा के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू होगी।

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पिछले साल 7 प्रश्न हुए थे विलोपित

इस बार 4 सवाल हटाए गए हैं, जो पिछले वर्ष की तुलना में कम हैं। 2023 की परीक्षा में 7 प्रश्न विलोपित किए गए थे। PSC कोचिंग विशेषज्ञ अंकित अग्रवाल के अनुसार, परीक्षा में कुल 100 प्रश्न पूछे गए थे, प्रत्येक प्रश्न 2 अंकों का था, जिससे परीक्षा कुल 200 अंकों की थी। अब 4 सवाल हटाने के बाद मूल्यांकन 192 अंकों के आधार पर किया जाएगा।

ये सवाल हुए विलोपित

  1. चीता का वैज्ञानिक नाम क्या है? (जिसका गलत अनुवाद हुआ था)
  2. अणु चुंबकीय और लौह चुंबकीय जोड़ी मिलान से संबंधित प्रश्न।
  3. भारतीय संविधान के अनुच्छेद 243-जे पर आधारित प्रश्न।
  4. त्रिभुजों की संख्या से संबंधित गणितीय प्रश्न।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।