छत्तीसगढ़ विधानसभा

रायपुर। विधानसभा के बजट सत्र के तीसरे दिन आज विभागीय मंत्री के सदन में मौजूद रहने के बावजूद अन्य मंत्री द्वारा सदन में जवाब देने पर विपक्ष ने आपत्ति जताई है। भारतीय जनता पार्टी के विधायकों ने इस मामले में विधानसभा उपाध्यक्ष संतराम नेताम से व्यवस्था देने की मांग की।

प्रश्नकाल के दौरान डॉ. रेणु जोगी ने उद्योग मंत्री कवासी लखमा से गौरेला पेंड्रा मरवाही व बलौदाबाजार भाठापारा जिले में उद्योगों को दिए गए स्थायी पूंजी निवेश अनुदान के संबंध में सवाल किया।

इसका जवाब देने के लिए वन मंत्री मोहम्मद अकबर उठे। इस दौरान मंत्री अकबर के ही बगल में अपने स्थान पर उद्योग मंत्री लखमा भी बैठे थे। इस पर बृजमोहन अग्रवाल और अजय चंद्राकर ने आपत्ति दर्ज की।

उन्होंने कहा कि सदन में मंत्री की मौजूदगी में कोई अन्य मंत्री जवाब नहीं दे सकते। संसदीय कार्यप्रणाली में मंत्री की गैर मौजूदगी में जवाब देने का नियम है। विधायकों ने आसंदी से पूछा कि क्या उनके पास विभागीय मंत्री की मौजूदगी में दूसरे मंत्री द्वारा जवाब देने की कोई सूचना है? इस पर विधानसभा उपाध्यक्ष ने कहा कि यह सामूहिक जिम्मेदारी है। विपक्ष के नेताओं ने सत्ता पक्ष के इस व्यवहार पर नाराजगी जताई।

See also  परिश्रम का कोई विकल्प नहीं. कोई भी कार्य या लक्ष्य असंभव नहीं

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।