सुप्रीम कोर्ट

रायपुर। छत्तीसगढ़ के 58% आरक्षण मामले में पूर्व केंद्रीय मंत्री और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी और अभिषेक मनु सिंधवी छत्तीसगढ़ सरकार की पैरवी सुप्रीम कोर्ट में करेंगे। राज्य सरकार ने इन तीनों दिग्गज वकीलों को विशेष पैनल में नियुक्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।

सरकार अब जल्द ही उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील करेगी। बता दें कि बिलासपुर हाईकोर्ट ने 19 सितम्बर को अपने फैसले में छत्तीसगढ़ के 58% आरक्षण को असंवैधानिक बता दिया था। जिसके कारण अब अनुसूचित जनजाति का आरक्षण 32% से घटकर 20% हो गया। वहीं अनुसूचित जाति का आरक्षण 12% से बढ़कर 16% हो गया। जिसके कारण प्रदेश में जमकर बवाल मचा हुआ है।

इस मामले में सीएम भूपेश बघेल ने कहा था, “12 साल पहले भाजपा ने बगैर तैयारी के ही आरक्षण बढ़ाया था। मगर आरक्षण बढ़ाने का औचित्य कोर्ट के सामने साबित नहीं कर पाए। जिसका खामियाजा अब लोगों को भुगतना पड़ा है। इस फैसले का अध्ययन करने के बाद हम सर्वोच्च न्यायालय जाएंगे।’ जिसके बाद यह जानकारी सामने आ रही है कि छत्तीसगढ़ ने सर्वोच्च न्यायालय जाने की तैयारी कर ली है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।