सूरजपुर। छत्तीसगढ़ में सहकारी समितियों के माध्यम से समर्थन मूल्य पर 1 नवंबर से धान की खरीदी की जा रही है जो 31 जवनरी तक जारी रहेगा। प्रदेश सरकार के निर्देशानुसार धान खरीदी की अंतिम तिथि 31 जनवरी तक निर्धारित है। धान खरीदी की अंतिम तिथि नजदीक है ऐसे में खरीदी केंद्रों में धान की आवक बढ़ गई है। जिसके चलते प्रदेश के कई खरीदी केंद्रों में जाम की स्थिति भी बनी हुई है।

प्रदेश में इस बार भाजपा की सरकार में प्रति एकड़ 21 क्विंटल धान की खरीदी की जा रही है और इसका समर्थन मूल्य 31 सौ रुपए निर्धारित है। समर्थन मूल्य अधिक होने की वजह से बड़ी संख्या में कोचिया भी सक्रिय हैं जो सहकारी समिति के कर्मचारियों और कुछ दलाल किस्म के किसानों से सांठगांठ कर अवैध रूप से समर्थन मूल्य पर धान को खपा रहे हैं। ऐसे लोगों पर जिला प्रशासन के निर्देश पर खाद्य और पुलिस विभाग की टीम लगातार नजर रख रही है और छापेमारी की कार्रवाई भी कर रही है।

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इसी कड़ी में छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में खाद्य विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है. खाद्य विभाग की टीम ने छापेमारी कर अलग-अलग जगहों से 7 हजार 500 बोरी अवैध धान जब्त किया है । जब्त धान की कीमत 57 लाख रुपये बताई जा रही है । सूरजपुर खाद्य विभाग की इस कार्रवाई से अवैध धान खरीद बिक्री करने वाले कोचियों और बिचौलियों के बीच हड़कंप मच गया है।