रायपुर। विष्णु देव साय के मुख्यमंत्री बनने के बाद से इस साल राज्य आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो (ईओडब्ल्यू) ने अब तक 6 एफआईआर की है। भूपेश बघेल सरकार के समय के शराब, कोल लेवी, कस्टम मिलिंग और डीएमएफ घोटाले के बाद सबसे चर्चित रहे महादेव बुक ऐप केस में भी एफआईआर कर ली गई है। 4 मार्च को दर्ज हुए एफआईआर में 19 लोगों को नामजद आरोपी बनाया गया है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की रिपोर्ट पर ही यह एफआईआर भी की गई है और एफआईआर करने वाले अफसर भी डीएसपी फरहान कुरैशी हैं। लेकिन इस एफआईआर में सबसे हैरान करने वाली बात यह है कि इस साल की अब तक की एफआईआर में पहली बार पूर्व सीएम भूपेश बघेल को आरोपी बनाया गया है। महादेव केस में 19 आरोपियों के साथ भूपेश बघेल का भी नाम है। ईडी की रिपोर्ट पर हुई एफआईआर में भूपेश बघेल का नाम 6वें स्थान पर है। महादेव बुक चलाने वाले 5 प्रमुख लोगों रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीमदास और सतीश चंद्राकर के बाद भूपेश बघेल का नाम है।

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ईओडब्ल्यू ने भूपेश बघेल पर महादेव बुक एप के प्रमोटर्स के ऑनलाइन बैटिंग एप के इस आपराधिक कृत्य के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई रोकने के लिए संरक्षण देने का आरोप लगाया है। एफआईआर में साफ साफ इस बात का जिक्र है कि प्रमोटर्स को विभिन्न पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनैतिक व्यक्तियों का संरक्षण मिला हुआ था। उसके एवज में अधिकारयों और राजनैतिक व्यक्तियों को नियमित तौर पर प्रोटेक्शन मनी के रूप में भारी राशि दी गई है।

इस अवैध राशि कर व्यवस्था और वितरण के लिए हवाला ऑपरेटरों का इस्तेमाल किया गया। साथ ही अवैध प्रोटेक्शन मनी अधिकारियों के जरिए बांटी गई। प्रोटेक्शन मनी की राशि हवाला ऑपरेटरों के माध्यम से राशि वितरण करने वाले पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों तक पहुंचती थी। जिसे ये लोग संबंधित पुलिस- प्रशासनिक अधिकारियों और प्रभावशाली राजनैतिक व्यक्तियों तक पहुंचाते थे। इन अफसरों और प्रभावशाली राजनैतिक व्यक्तियों ने अपने पद का दुरुपयोग करते हुए हुए प्रोटेक्शन मनी के रूप में अवैध आर्थिक लाभ लेते हुए अवैध संपत्ति अर्जित की गई है। ईडी ने कई अचल संपत्तियों का प्रोविजनल अटैचमेंट किया गया है।

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अवैध राशि को कई कंपनियों में किया निवेश

एफआईआर में इस बात का भी उल्लेख है कि महादेव बुक ऐप के प्रमोटर्स ने ऑनलाइन बैटिंग से अर्जित अवैध राशि को कई कंपनियों में निवेश किया है। शैल कंपनियों और शेयर मार्केट में भी रकम इन्वेस्ट की गई है। प्रमोटर्स ने ऑनलाइन सट्‌टा के प्रमोशन के लिए सट्‌टेबाजी वेबसाईटों में भारी मात्रा में नगद रकम खर्च की गई है। इसके लिए हर साल एनुअल स्टार स्टडेड प्रोग्राम कराए जाते थे, जिसमें शामिल हस्तियों को सट्‌टेबाजी से मिले अवैध राशि से भुगतान किया जाता था।

इन्हें बनाया गया आरोपी

ईओडब्ल्यू ने एफआईआर में भूपेश बघेल के अलावा रवि उप्पल, शुभम सोनी, चंद्रभूषण वर्मा, असीमदास, सतीश चंद्राकर, नीतीश दीवान, सौरभ चंद्राकर, अनिल अग्रवाल, विकास छापरिया, रोहित गुलाटी, विशाल आहुजा, धीरज आहुजा, अनिल दम्मानी, सुनील दम्मानी, भीम सिंह यादव, हरीशंकर तिबरवाल, सुरेंद्र बागड़ी और सूरज चोखानी को आरोपी बनाया है।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।