टीआरपी डेस्क। जशपुर में नशे के सौदागरों की एक और बड़ी चाल फेल हो गई है। पुलिस ने घेराबंदी करके एक पिकअप गाड़ी पकड़ी है, जिसमें आम की क्रेट्स के नीचे दबाकर करोड़ों का गांजा ले जाया जा रहा था। पुलिस ने जब गाड़ी को रुकने का इशारा किया तो तस्कर ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने उसे दबोच लिया।

आम की आड़ में मौत का सामान

दोकड़ा चौकी पुलिस को खबर मिली थी कि सफेद रंग की पिकअप में भारी मात्रा में नशा ले जाया जा रहा है। देवरी गांव के पास जब पुलिस ने जाल बिछाया, तो ड्राइवर गाड़ी घुमाकर भागने लगा। पुलिस ने पीछा किया और बगिया-दोकड़ा रोड पर उसे घेर लिया। जब गाड़ी की तलाशी ली गई तो पुलिस वाले भी हैरान रह गए। ऊपर आम की ट्रे रखी थी और नीचे खाकी टेप से लिपटे गांजे के 207 पैकेट छिपाए गए थे।

ओडिशा से यूपी तक फैला है नेटवर्क

पकड़ा गया आरोपी प्रेम नाथ सिंह बगीचा इलाके का रहने वाला है। उसने पुलिस को बताया कि वह यह माल ओडिशा के सुंदरगढ़ से लेकर आ रहा था। इसे अंबिकापुर पहुंचाना था, जहां से कोई दूसरा बंदा इसे उत्तर प्रदेश ले जाने वाला था। बरामद गांजे का वजन 207 किलो है, जिसकी बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ 3 लाख रुपये से भी ज्यादा है।

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जशपुर पुलिस का ऑपरेशन आघात

जशपुर डीआईजी और एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह खुद इस पूरे अभियान की कमान संभाल रहे हैं। उन्होंने साफ कह दिया है कि नशे के इस धंधे में शामिल किसी भी बड़े नाम को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अब उस मास्टरमाइंड की तलाश कर रही है जो अंबिकापुर में इस खेप का इंतजार कर रहा था।

साल 2026 की शुरुआत से अब तक जशपुर पुलिस 3 करोड़ 24 लाख रुपये का नशा पकड़ चुकी है। इस दौरान 744 किलो गांजा, नशीली सिरप और ब्राउन शुगर बरामद की गई है। नशे के कारोबार में शामिल 27 तस्करों को अब तक सलाखों के पीछे भेजा जा चुका है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।