रायपुर। प्रदेश में 1 मई से सुशासन तिहार शुरू हो रहा है। जिसमें मुख्यमंत्री विष्णु देव साय जनसमस्याओं का निवारण करेंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश के सभी कलेक्टरों को पत्र लिखकर स्पष्ट कर दिया है कि जनता की शिकायतों का निराकरण अब प्राथमिकता नहीं, बल्कि अनिवार्य जिम्मेदारी होगी।

क्लस्टर आधारित शिविर: आपके गांव और वार्ड में पहुंचेगा प्रशासन

मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार, अब ग्रामीणों को ब्लॉक या जिला मुख्यालय के चक्कर नहीं काटने होंगे:

  • ग्रामीण क्षेत्र: 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह (Cluster) पर एक बड़ा शिविर लगेगा।
  • नगरीय क्षेत्र: नगरों में भी वार्डों के क्लस्टर के आधार पर कैंप आयोजित किए जाएंगे।
  • समय सीमा: शिविर में प्राप्त आवेदनों का निराकरण अधिकतम एक माह के भीतर करना होगा और इसकी सूचना संबंधित आवेदक को देना अनिवार्य होगा।

‘ऑन द स्पॉट’ लाभ और योजनाओं की जानकारी

इन शिविरों का उद्देश्य केवल शिकायतें लेना नहीं, बल्कि पात्र हितग्राहियों को मौके पर ही योजनाओं से जोड़ना है। इसमें आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा पेंशन जैसे महत्वपूर्ण कार्यों को प्राथमिकता दी जाएगी।

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औचक निरीक्षण और सीधा संवाद

‘सुशासन तिहार’ के दौरान केवल स्थानीय अधिकारी ही नहीं, बल्कि स्वयं मुख्यमंत्री, मंत्री, सांसद, विधायक और मुख्य सचिव भी मैदान में उतरेंगे:

  • ग्राउंड जीरो रिपोर्ट: अधिकारी और जनप्रतिनिधि विकास कार्यों का औचक निरीक्षण करेंगे।
  • जनता से फीडबैक: मुख्यमंत्री और मंत्री सीधे जनता से बात कर योजनाओं की जमीनी हकीकत जानेंगे।

कलेक्टरों के लिए 30 अप्रैल की ‘डेडलाइन’

मुख्यमंत्री ने शिविर शुरू होने से पहले ही 30 अप्रैल तक लंबित मामलों को निपटाने का लक्ष्य दिया है, जिनमें प्रमुख हैं:

  • राजस्व मामले: नामांतरण, बंटवारा, सीमांकन और भूमि संबंधी प्रकरण।
  • प्रमाण पत्र: आय, जाति और निवास प्रमाण पत्र जारी करना।
  • बुनियादी सुविधाएं: बिजली की शिकायतें, हैंडपंप सुधार और मनरेगा मजदूरी का भुगतान।

समीक्षा और जवाबदेही

शिविरों के समापन के बाद जिला मुख्यालयों में समीक्षा बैठकें होंगी। राज्य स्तर से बिंदुवार पत्रक भेजे जाएंगे ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि कितने आवेदनों का सफल निराकरण हुआ और विकास कार्यों की वर्तमान स्थिति क्या है।

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नवीन कुमार साहू को पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया के क्षेत्र में 5 वर्ष से अधिक का अनुभव है। उन्होंने कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से Bachelor of Science (Electronic Media) और Master of Science (Electronic Media) की डिग्री हासिल की है। उन्होंने राजधानी रायपुर के कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों के साथ काम किया है। उन्हें छत्तीसगढ़, राष्ट्रीय समाचार, राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल से जुड़े विषयों पर लेखन का अनुभव है। वे तथ्यपरक, विश्वसनीय और SEO-अनुकूल समाचार एवं लेख तैयार करने में विशेषज्ञता रखते हैं। उनका उद्देश्य पाठकों तक सटीक और उपयोगी जानकारी सरल भाषा में पहुंचाना है।