हसदेव अरण्य की गूंज कैंब्रिज यूनिवर्सिटी तक

रायपुर। हसदेव अरण्य को बचाने में जुटे आदिवासियों की गूंज अब कैंब्रिज यूनिवर्सिटी तक पहुंच गई है। कांग्रेस के नेता राहुल गांधी ने लंदन में कहा है कि हसदेव में खनन अनुमति के खिलाफ चल रहे आंदोलन की उनको जानकारी है। मैं भी उत्खनन के खिलाफ हूं। आगामी कुछ हफ्तों में इसका नतीजा दिखेगा।

बता दें कि राहुल गांधी कैंब्रिज यूनिवर्सिटी में रखे गए छात्रों के साथ इंडिया एट 75 कार्यक्रम में संवाद के लिए उपस्थित थे। इसी दौरान एक छात्रा ने उनसे सवाल किया कि वर्ष 2015 में आपने हसदेव अरण्य के आदिवासियों को आश्वासन दिया था कि आप उनके साथ खड़े हैं।

मगर छत्तीसगढ़ में आपकी ही अपने फैसले से पीछे हट रही है। राज्य सरकार ने हसदेव में खनन के लिए वन अनुमति दे दी है। आप अपनी पार्टी के फैसले का कैसे बचाव करेंगे? आपके आश्वासन और आदिवासी लोगों के वन पर अधिकार की बात है।

राहुल गांधी ने कहा कि मुझे खुद इस फैसले से परेशानी महसूस हो रही है। मैं बचाव नहीं करूंगा।

छात्रा ने फिर पूछा- ठीक है, आप इसके खिलाफ खड़े होने के लिए क्या कर रहे हैं? राहुल ने कहा मैं, इस पर काम कर रहा हूं। पार्टी में भी इस पर काम हो रहा है।
सवाल- क्या आप इस बारे में विस्तार से बताएंगे?
राहुल- आप परिणाम देखेंगे।
सवाल- कब?
राहुल- कुछ हफ्ते में।
सवाल- हम इसे कहां देखेंगे?
राहुल- छत्तीसगढ़ में।
सवाल- क्या आप उत्खनन पूरी तरह बंद करने के लिए काम कर रहे हैं?
राहुल- मैं देख रहा हूं, वहां के आंदोलन को। मुझे लगता है कि कुछ मायनों में यह विरोध जायज है।
सवाल- किन मायनों में यह विरोध अनुचित लगता है?
राहुल- मैंने इसे उचित ही बताया है। इस विषय पर मैं आपके जुनून की सराहना करता हूं।

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटर, यूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्राम, कू और वॉट्सएप, पर
…

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।