टीआरपी डेस्क। छत्तीसगढ़ में को-वैक्सीन को लगवाने पर लगी रोक के बीच स्वास्थ्य मंत्री टीएस सिंहदेव ने कहा कि अगर को-वैक्सीन ( COVAXIN ) का क्लिनिकल ट्रायल पूरा हो जाता है, तो सबसे पहले वह लगवाएंगे।

मंत्री सिंहदेव ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉक्‍टर हर्षवर्धन और छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री डॉक्‍टर रमन सिंह के एक एक आरोपों का ट्विटर पर जवाब दिया है। वहीं डॉक्‍टर हर्षवर्धन ने सिंहदेव पर को-वैक्सीन को लेकर राजनीति करने का आरोप लगाया था।

सिंहदेव ने सवाल किया कि, क्या केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय या रमन सिंह यह बताने का कष्ट करेंगे कि को-वैक्सीन के तीसरे चरण के परीक्षण का परिणाम अभी अपेक्षित है, उसका इस्तेमाल हम अपने प्रिय स्वास्थ्यकर्मियों पर होने दें।

भक्ति को नजरअंदाज कर वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखें रमन सिंह

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार की नीतियों का नतीजा सारा देश देख रहा है। अगर भक्ति को नजरअंदाज कर रमन इसे वैज्ञानिक दृष्टिकोण से देखते तो मामले की गहराई दिखती। बाहरी देशों को निर्यात किए गए 64.7 लाख खुराक में से सिर्फ दो लाख को-वैक्सीन हैं, जिन्हें भारत सरकार ने इनकी गुणवत्ता को स्वयं परखने का सुझाव दिया है।

मगर देशवासियों के लिए इसे अनिवार्य किया जा रहा है जो केंद्र की संवेदनशीलता को शंका के दायरे में लाता है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री ने स्वयं कहा था कि जब तक किसी भी टीके की पूर्णतः जांच नहीं हो जाती, उसे सक्रिय रूप से प्रयोग नहीं किया जाएगा।

सिंहदेव ने ट्वीट में आगे लिखा है कि मैं आपको विश्वास दिलाता हूं यदि भारत बायोटेक को-वैक्सीन के तीसरे चरण के जांच की सफलता प्रकशित कर देती है और प्रयोग की स्वीकृति प्राप्त कर लेती है तो मैं छत्तीसगढ़ में इसके प्रति जागरूकता और विश्वास बढ़ाने के लिए इसे सबसे पहले लेने को तैयार हूं।

शशि थरूर ने किया सिंहदेव का समर्थन

को-वैक्सीन के विवाद के बीच कांग्रेस नेता शशि थरूर ने स्वास्थ्य मंत्री सिंहदेव के विरोध का समर्थन किया है। थरूर ने कहा कि मैं भी क्लिनिकल ट्रायल नहीं होने तक को-वैक्सीन लगाने के पक्ष में नहीं हूं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।