Side effects of overhydration and water intoxication symptoms.

टीआरपी डेस्क। आमतौर पर माना जाता है कि ज्यादा पानी पीना सेहत के लिए अच्छा है, लेकिन विशेषज्ञों ने इसके अति-उपयोग को लेकर चेतावनी जारी की है। शरीर की जरूरत से अधिक पानी पीने पर इलेक्ट्रोलाइट संतुलन बिगड़ सकता है, जो स्वास्थ्य के लिए गंभीर संकट पैदा कर सकता है।

बदलती जलवायु और खासकर गर्मी के मौसम में लोग अक्सर डिहाइड्रेशन से बचने के लिए भारी मात्रा में पानी पीते हैं। यह जागरूकता जरूरी है कि पानी की मात्रा उम्र, शारीरिक श्रम और मौसम के अनुसार संतुलित होनी चाहिए, अन्यथा यह किडनी और मस्तिष्क पर बुरा असर डाल सकती है।

क्या है हाइपोनेट्रेमिया?


जब हम जरूरत से ज्यादा पानी पीते हैं, तो रक्त में सोडियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो जाता है। मेडिकल विज्ञान में इस स्थिति को हाइपोनेट्रेमिया (Hyponatremia) कहा जाता है। सोडियम हमारे शरीर में कोशिकाओं के बाहर और अंदर तरल पदार्थ को संतुलित करने का काम करता है। जब इसकी कमी होती है, तो कोशिकाएं सूजने लगती हैं, जो मस्तिष्क के लिए विशेष रूप से खतरनाक हो सकता है।

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ज्यादा पानी पीने पर शरीर के संकेत


पेशाब का रंग: यदि आपका यूरिन एकदम सफेद या पारदर्शी आ रहा है, तो यह संकेत है कि आप जरूरत से ज्यादा पानी पी रहे हैं। हल्का पीला रंग आदर्श माना जाता है।

बार-बार सिरदर्द: सोडियम कम होने से मस्तिष्क की कोशिकाओं में सूजन आ सकती है, जिससे लगातार सिरदर्द और जी मिचलाने की समस्या हो सकती है।

मांसपेशियों में ऐंठन: इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी से हाथों, पैरों या शरीर के अन्य हिस्सों में अचानक ऐंठन या कमजोरी महसूस होना।

थकान और सुस्ती: ज्यादा पानी को फिल्टर करने के लिए किडनी को अतिरिक्त मेहनत करनी पड़ती है, जिससे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन बढ़ते हैं और आप थका हुआ महसूस करते हैं।

1 दिन में कितना पानी पीना चाहिए?


सामान्यतः एक स्वस्थ वयस्क को दिन भर में 2.5 से 3.5 लीटर पानी की आवश्यकता होती है। हालांकि, यदि आप तपती गर्मी में बाहर काम कर रहे हैं, तो यह मात्रा बढ़ सकती है। सबसे बेहतर तरीका है कि प्यास लगने पर ही पानी पिए।

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रजनी सेन टीआरपी में लाइफस्टाइल से जुड़ी खबरें लिखती हैं। उन्हें रोजमर्रा की जिंदगी, खान-पान, फैशन, त्योहार, संस्कृति, ज्योतिष और बदलते लाइफस्टाइल ट्रेंड्स से जुड़े विषयों पर लिखने का अनुभव है। उनका लेखन सरल, सहज और पाठकों से जुड़ा हुआ है। रजनी सेन ने बैचलर ऑफ आर्ट्स (B.A.) की पढ़ाई की है और पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी लेखन क्षमता के जरिए पाठकों तक उपयोगी और रोचक जानकारी पहुंचाने का प्रयास करती हैं।