रायपुर। छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने रायपुर के पुलिस अधीक्षक लाल उमेद सिंह को अवमानना नोटिस जारी किया है। यह कार्रवाई रिटायर्ड एएसआई (मैकेनिक) को सेवानिवृत्ति लाभ न दिए जाने के मामले में की गई है। कोर्ट ने एसपी से जवाब मांगा है कि पूर्व आदेशों के बावजूद देयकों का भुगतान क्यों नहीं किया गया।

रायपुर के शौर्य पुलिस पेट्रोल पंप में पदस्थ रहे एएसआई पर वर्ष 2017 में 1 करोड़ रुपए से अधिक के गबन का आरोप लगा था। विभागीय जांच के बाद 10 लाख रुपए की रिकवरी का आदेश हुआ। इस पर एएसआई ने हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की, जिसके बाद कोर्ट ने वसूली पर रोक लगा दी।

21 फरवरी 2024 को एएसआई सेवा निवृत्त हुए, लेकिन विभाग ने उनके पेंशन, ग्रेच्युटी और अन्य सेवानिवृत्ति लाभ रोक दिए। इसके खिलाफ एएसआई ने दोबारा अधिवक्ता आर.के. केशरवानी के माध्यम से हाईकोर्ट में गुहार लगाई। कोर्ट ने विभाग को 45 दिनों के भीतर सभी लाभों का भुगतान करने का आदेश दिया।

See also  CG Breaking: मंत्री टीएस सिंहदेव करीबी बिलासपुर MLA शैलेष पाण्डेय को 6 साल के लिए कांग्रेस से निष्कासित करने की सिफ़ारिश, सरकार के ख़िलाफ़ बयानबाजी पर शहर कांग्रेस का प्रस्ताव

निर्धारित समयसीमा में भुगतान नहीं होने पर रिटायर्ड अधिकारी ने हाईकोर्ट में अवमानना याचिका दायर की। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने रायपुर एसपी को नोटिस जारी कर उनसे कारण बताओ जवाब मांगा है कि आदेश का पालन क्यों नहीं हुआ।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।