बस्तर। नक्सली 21 से 28 सितंबर तक पीएलजीए (People’s Liberation Guerrilla Army) स्थापना दिवस सप्ताह मना रहे हैं। इस सप्ताह के दौरान पूरे बस्तर संभाग में नक्सलियों ने बंद का आह्वान किया है। वहीं दक्षिण बस्तर में नक्सलियों के बंद का असर भी देखने को मिल रहा है। हालांकि इन इलाकों में यात्री बसों का परिचालन जारी है, मगर विशाखापट्टनम से किरंदुल तक जाने वाली दो यात्री ट्रेनों को केवल दंतेवाड़ा तक परिचालन करने का निर्णय लिया गया है। अगले सप्ताह भर तक यह दोनों ही यात्री ट्रेने किरंदुल तक नहीं चलेंगी। रेलवे प्रशासन द्वारा लिए गए इस निर्णय के बाद यात्रियों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है.

नक्सली अपने बंद के आह्वान के दौरान यात्री ट्रेन को किसी तरह का नुकसान न पहुंचा पाएं, इसलिए सुरक्षा के लिहाज से यह फैसला लिया गया है। उल्लेखनीय है कि पहले से ही दक्षिण पूर्व रेलवे सेक्शन में कुर्मी संगठन द्वारा बुलाए गए जन आंदोलन के कारण जगदलपुर समलेश्वरी एक्सप्रेस का भी जगदलपुर तक परिचालन रद्द कर दिया गया है। दक्षिण बस्तर और जगदलपुर में कुल तीन यात्री ट्रेनें प्रभावित हुई हैं। दरअसल नक्सली हर साल पीएलजीए स्थापना दिवस मनाते हैं। इस दैरान वो 21 से 28 सितंबर तक पूरे बस्तर संभाग में बंद का आह्वान करते हैं। बंद के दौरान नक्सली अंदरूनी इलाकों में आवागमन प्रभावित करने के साथ ही बड़ी नक्सली वारदातों को भी अंजाम देते हैं।

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नेशनल हाईवे पर अलर्ट

वहीं कई जगह नेशनल हाईवे में आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के जवानों को भी तैनात किया गया है। बस्तर के आईजी सुंदरराज पी ने बताया कि एहतियात के तौर पर रात में आवागमन पर रोक लगाई गई है, लेकिन जल्द ही आंध्र प्रदेश और तेलंगाना पुलिस से बात कर एक बार फिर से नेशनल हाईवे-30 को दोबारा शुरू किया जाएगा। फिलहाल नक्सलियों के बंद को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं और एंटी नक्सल ऑपरेशन भी तेज कर दिया गया है।