अवधेश शर्मा
जगदलपुर। जिले के खंड शिक्षा अधिकारी का कार्यालय इन दिनों लोगों के लिए मिसाल बना हुआ है। शिक्षा विभाग के खंड शिक्षा अधिकारी और कर्मचारियों द्वारा निशुल्क सेवा श्रमदान कर सराहनीय कार्य किया जा रहा है।

साथ ही यह कार्य अन्य विभागों के कर्मचारियों के लिए भी प्रेरणा स्रोत बन चुका है। बस्तर जिले के जगदलपुर खंड शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में खंड शिक्षा अधिकारी सहित सभी कर्मचारी आपसी सहयोग और श्रमदान से अपने कार्यालय को अच्छा और सुदृढ़ बनाने में लगे हुए हैं।

जहां खंड शिक्षा अधिकारी स्वयं अपने हाथ में राफा, छेनी-करनी लेकर गिट्टी और सीमेंट से लेबल करते नजर आते हैं, वही हेड मास्टर के साथ- साथ अन्य कर्मचारी और चपरासी भी जुड़ाई और प्लास्टर जैसे कार्य कर लगातार अपना सहयोग दे रहे हैं।

पहले था नशाखोरी का अड्डा:

कुछ माह पूर्व यह कार्यालय नशाखोरी का अड्डा था। जहां असामाजिक तत्वों का जमावड़ा लगा रहता था, साथ ही सैकड़ों शराब की बोतलें भी पड़ी रहती थीं।

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नए खंड शिक्षा अधिकारी ने बदली तस्वीर:

अक्टूबर माह में पदभार संभालते ही नए खंड शिक्षा अधिकारी एम.एस. भारद्वाज ने इस कार्यालय का कायाकल्प की सोची। उनको अधीनस्थ कर्मचारियों का सहयोग मिला और वही गंदा कार्यालय 7 माह के अंदर एक साफ-सुथरा और हरियाली से भरा हुआ व्यवस्थित कार्यालय बन गया।

रिफे्रशमेंट के लिए बनाई एक हट:

खंड शिक्षा अधिकारी के श्रमदान करने और पेड़ पौधे लगाने की सोच ने कर्मचारियों के साथ -साथ आसपास रहने वालों का भी दिल जीत लिया। इसके कारण आसपास के लोगों ने हर संभव सहायता के रूप में लकड़ी गिट्टी रेट ईट और जाली देकर इस कार्यालय का कायाकल्प करने का प्रयास किया है।

इसमें टूटी-फूटी लकड़ी और खप्पर को मिलाकर एक पोषण वाटिका काफी निर्माण किया गया है । इसके साथ ही रिफ्रेशमेंट के लिए एक हट का भी निर्माण किया गया है जिसमें कर्मचारी लंच भी कर सकते हैं।

क्या कहते हैं खंड शिक्षा अधिकारी:

खंड शिक्षा अधिकारी एम.एस. भारद्वाज ने बताया कि वे जब तक इस कार्यालय में पदस्थ हैं। तब तक यह कार्यालय उनकी स्वयं की संपत्ति है, और यहां काम करने वाले सभी स्टाफ उनके परिवार हैं।

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जब अपनी संपत्ति ही खराब हो तो परिवार वालों की सहायता से संपत्ति को सही किया जा सकता है। समाज में ऐसे अधिकारियों की आवश्यकता है। साथ ही शासकीय संपत्ति को अपनी संपत्ति समझने की सोच रखने के बाद ही उसकी व्यवस्था साफ-सफाई और सुरक्षा सही तरीके से की जा सकती है।

 

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।