टीआरपी। Sanatani Sanskar : वर्तमान सोशल मीडिया के दौर में जब छोटे छोटे बच्चे मोबाइल पर गेम खेलने और रील्स देखने में व्यस्त हैं। वहीं, दूसरी ओर शहर में प्रत्येक सप्ताह रविवार को ऐसी पाठशाला का आयोजन किया जा रहा है, जहां बच्चों को पारिवारिक और सनातनी संस्कार की शिक्षा दी जा रही है। सप्ताह में मात्र दो घंटे की क्लास में बच्चों को बड़े बुजुर्गों का चरण स्पर्श करना, सभी बड़ों से आदरपूर्वक बातचीत करना, परिवार के सदस्यों के साथ प्रेमवत व्यवहार करना, बातचीत करने का सलीका आदि सिखाने के साथ ही परोपकार की भावना, दया, सहयोग और धर्म का आदर करना, देशभक्ति की भावना को जागृत करना सिखाया जा रहा है।

समता कॉलोनी स्थित गोदावरी सेवा सदन में महंत चिन्मयदास की प्रेरणा से चल रही संस्कार शाला का नाम भी सनातन ग्रंथों में उल्लेखित एक महान बच्चे भक्त प्रहलाद के नाम पर रखा गया है। भक्त प्रहलाद पाठशाला में 4 वर्ष से लेकर 13 वर्ष तक की उम्र के 75 बच्चे संस्कारों की शिक्षा ले रहे हैं। ये बच्चें अपने स्कूल में नियमित पढ़ाई करते हैं। केवल रविवार के दिन डेढ़ घंटे के लिए सुबह 11 से 12.30 बजे तक भक्त प्रहलाद पाठशाला पहुंचते हैं। यहां बच्चों को केवल संस्कार सिखाया जाता है। साथ ही हरि कथा, हरि भजन, हरि नृत्य एवं भागवत के आधार पर जीवन जीने की कला सिखाई जाती है। यह पाठशाला श्री राम कथा समिति द्वारा चलाई जा रही है। इसके प्रमुख प्रकाश चंद अग्रवाल, विष्णु गोयल, दामोदर अग्रवाल हैं। इस पाठशाला का संचालन प्रियंका अग्रवाल द्वारा किया जा रहा है।

गौशाला ले जाकर बताया गौमाता का महत्व

भक्त प्रहलाद पाठशाला के बच्चों को गौमाता का भारतीय संस्कारों में क्या महत्व है। इसकी शिक्षा देने के लिए बच्चों को राजधानी के समीप स्थित गुमा बाना गांव में संचालित लीलावती भगवान दास गौशाला ले जाया गया। बच्चों से कहा गया कि वे अपने घर से गुड़, रोटी, सब्जी, केला आदि खाद्य सामग्री लेकर आएं। बच्चे ये सारी वस्तुएं लेकर पहुंचे और गौमाता को अपने हाथ से खिलाया। बीमार और पीड़ित गोमाता, बछड़ों को देखकर बच्चे भावुक हो गए। बच्चों ने संकल्प लिया कि वे प्रतिदिन अपने घर के आसपास विचरण करने वाली गौमाता को रोटी खिलाएंगे और प्रणाम करेंगे। सुरेश जिंदल, नवल अग्रवाल, नरेश केडिया आदि समाजसेवियों ने बच्चों को गोमाता का संरक्षण करने के प्रति जागरूक किया।

रिपोर्टर श्रवण शर्मा 28 वर्षों से पत्रकारिता जगत में कार्यरत हैं। पूर्व में लगभग 7 वर्षो तक दिल्ली के प्रतिष्ठित अखबारों में पत्रकार के रूप में कार्य किया। इसके पश्चात विगत 21 वर्षों से छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में कार्यरत हैं। दैनिक जागरण ग्रुप के नईदुनिया संस्थान में 17 वर्ष तक कार्य किया। वर्तमान में टीआरपी न्यूज में गत वर्ष से कार्य कर रहे हैं।
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