कोरबा। नियंत्रक, विधिक मापविज्ञान, छत्तीसगढ़ द्वारा जारी एक आदेश के तहत, कोरबा में पदस्थ विधिक मापविज्ञान निरीक्षक, कु. नेहा साहू, को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई उनके द्वारा कार्य में गंभीर लापरवाही बरतने और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम 3 का स्पष्ट उल्लंघन करने के कारण की गई है।
समय पर नहीं किया आवेदनों का सत्यापन
निलंबन आदेश के मुताबिक कु. नेहा साहू पर आरोप है कि उन्होंने विभाग के पोर्टल पर 82 आवेदन पत्रों का सत्यापन समय पर नहीं किया। इन आवेदनों को न्यूनतम 19 दिवस से अधिकतम 102 दिवस तक लंबित रखा गया था। जबकि, लोक सेवा गारंटी अधिनियम 2011 के तहत इन सेवाओं (सत्यापन और मुद्रांकन) के लिए केवल 15 कार्य दिवस निर्धारित हैं। इस प्रकार, उन्होंने अपने पदीय कर्तव्यों के निर्वहन हेतु निर्धारित पालन नहीं किया। इस लापरवाही के चलते नेहा साहू को निलंबित कर दिया गया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय सहायक नियंत्रक कार्यालय, विधिक माप विज्ञान निर्धारित किया गया है।
यह कार्रवाई दर्शाती है कि राज्य सरकार लोक सेवा गारंटी अधिनियम के तहत निर्धारित समय-सीमा का पालन न करने वाले अधिकारियों पर सख्त रुख अपना रही है।
