IPS Gaurav Rai: बलौदाबाजार-भाटापारा के SP गौरव राय को फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान 2026 सर्वे में देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में जगह मिली है। 875 अंकों के साथ वे इस सूची में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के इकलौते पुलिस अधिकारी बताए गए हैं।
दंतेवाड़ा जैसे नक्सल प्रभावित जिले में चुनौतीपूर्ण पुलिसिंग के बाद अब वे बलौदाबाजार-भाटापारा में नई जिम्मेदारी संभाल रहे हैं।
कौन हैं IPS गौरव राय?
गौरव राय 2019 बैच के IPS अधिकारी हैं। वे मूल रूप से महाराष्ट्र के अमरावती के रहने वाले हैं। उन्होंने पुणे से सिविल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। इसके बाद सिविल सेवा परीक्षा पास कर भारतीय पुलिस सेवा में जगह बनाई और छत्तीसगढ़ कैडर चुना। छत्तीसगढ़ में सेवा के दौरान उन्होंने बीजापुर में भी जिम्मेदारी संभाली। वर्ष 2023 में उन्हें नक्सल प्रभावित दंतेवाड़ा का पुलिस अधीक्षक बनाया गया। यह जिम्मेदारी उनके पुलिस नेतृत्व के लिए बड़ी चुनौती थी।
दंतेवाड़ा में मिली बड़ी जिम्मेदारी
दंतेवाड़ा में SP रहते हुए गौरव राय के सामने नक्सल विरोधी अभियानों के साथ स्थानीय लोगों का भरोसा जीतने की चुनौती भी थी। अंदरूनी इलाकों तक प्रशासन की पहुंच बढ़ाना और विकास कार्यों के लिए सुरक्षित माहौल तैयार करना भी पुलिस की अहम जिम्मेदारियों में शामिल रहा। उनकी कार्यशैली में ऑपरेशनल पुलिसिंग के साथ स्थानीय स्तर पर बेहतर समन्वय और सूचनाओं के प्रभावी इस्तेमाल पर जोर रहा। सुरक्षा बलों के बीच तालमेल मजबूत करने और अभियानों की तैयारियों को बेहतर बनाने की दिशा में भी काम किया गया।
सुरक्षा के साथ विकास पर जोर
नक्सल प्रभावित इलाकों में पुलिस की भूमिका केवल कानून-व्यवस्था संभालने तक सीमित नहीं रहती। सड़क, बिजली, मोबाइल नेटवर्क और स्वास्थ्य जैसी बुनियादी सुविधाओं से जुड़े विकास कार्यों के लिए भी सुरक्षित माहौल जरूरी होता है। गौरव राय के कार्यकाल में सुरक्षा के साथ विकास कार्यों के लिए अनुकूल माहौल बनाने पर जोर दिया गया। इसका उद्देश्य अंदरूनी क्षेत्रों में प्रशासन की पहुंच बढ़ाना और ग्रामीणों के बीच सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भरोसा मजबूत करना रहा।
लोन वरटू अभियान को मिली गति
नक्सल समस्या से निपटने के लिए आत्मसमर्पण और पुनर्वास की नीति को भी पुलिसिंग का अहम हिस्सा बनाया गया। हिंसा का रास्ता छोड़कर मुख्यधारा में लौटने वाले लोगों को शिक्षा, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रयास किए गए। इस पहल का मकसद केवल हथियार छोड़ना नहीं था, बल्कि प्रभावित युवाओं को मुख्यधारा में लौटने और बेहतर भविष्य बनाने का अवसर देना भी रहा।
जुलाई 2026 में बलौदाबाजार-भाटापारा भेजे गए
करीब तीन साल दंतेवाड़ा में पुलिस की कमान संभालने के बाद जुलाई 2026 में हुए पुलिस विभाग के फेरबदल में गौरव राय को बलौदाबाजार-भाटापारा जिले का SP बनाया गया। यहां उनके सामने चुनौतियां अलग हैं। अब शहरी और ग्रामीण अपराध, साइबर क्राइम, यातायात व्यवस्था, अवैध शराब और कानून-व्यवस्था जैसे मुद्दे उनकी प्राथमिक चुनौतियों में शामिल हैं।
तकनीक आधारित पुलिसिंग पर भी फोकस
गौरव राय की पुलिसिंग में आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल को भी अहम माना जाता है। अपराध नियंत्रण और निगरानी व्यवस्था मजबूत करने के लिए CCTV नेटवर्क और AI आधारित वीडियो एनालिटिक्स जैसे तकनीकी साधनों के इस्तेमाल पर जोर दिया गया। तकनीक की मदद से संदिग्ध गतिविधियों की पहचान, घटनाओं के विश्लेषण और जांच प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने की कोशिश की गई।
875 अंकों के साथ टॉप-10 में जगह
फेम इंडिया-एशिया पोस्ट के सर्वश्रेष्ठ पुलिस कप्तान 2026 सर्वे में पुलिस नेतृत्व, कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण, जनसुरक्षा, अनुसंधान, विशेष अभियानों, तकनीक के इस्तेमाल और जनभागीदारी जैसे मानकों को आधार बनाया गया। सर्वे की विशेष सूची में कुल 30 पुलिस अधिकारियों को शामिल किया गया है। इनमें 25 अधिकारी प्रमुख सूची में हैं, जबकि 5 अधिकारियों को सुपर-5 श्रेणी में रखा गया है। इसी सूची में गौरव राय ने 875 अंकों के साथ देश के टॉप-10 पुलिस कप्तानों में जगह बनाई है। वे इस सूची में शामिल होने वाले छत्तीसगढ़ के इकलौते पुलिस अधिकारी बताए गए हैं।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने दी बधाई
गौरव राय की उपलब्धि पर मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने उन्हें बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। मुख्यमंत्री ने दंतेवाड़ा में उनके कार्यकाल का उल्लेख करते हुए चुनौतीपूर्ण नक्सल प्रभावित क्षेत्र में रणनीतिक पुलिसिंग, नक्सल विरोधी अभियानों और कानून-व्यवस्था को मजबूत करने में उनकी भूमिका को रेखांकित किया। दंतेवाड़ा के चुनौतीपूर्ण मोर्चे से लेकर बलौदाबाजार-भाटापारा की नई जिम्मेदारी तक, गौरव राय के पुलिस करियर में अब राष्ट्रीय स्तर की यह उपलब्धि जुड़ गई है।


