Jagdeep Chhokar Death : एसोसिएशन फॉर डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स (ADR) के संस्थापक सदस्य और चुनाव सुधारक प्रोफेसर जगदीप एस. छोकर का शुक्रवार को हृदय गति रुकने से निधन हो गया। वे 81 साल के थे। प्रो. छोकर भारतीय प्रबंधन संस्थान (IIM) अहमदाबाद में प्रोफेसर, डीन और प्रभारी निदेशक रहे। इससे पहले उन्होंने भारतीय रेलवे में मैकेनिकल इंजीनियर के रूप में भी काम किया था।

चुनावी और राजनीतिक सुधारों पर दो दशक से अधिक समय तक काम करने वाले प्रो. छोकर की पहचान जागरूक नागरिक, वकील और पक्षी प्रेमी के रूप में भी थी। वे नागरिक समाज संगठन आजीविका ब्यूरो के संस्थापक अध्यक्ष रहे, जो देश में आंतरिक प्रवास से जुड़े मुद्दों पर काम करता है।

परिवार के करीबी सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार सुबह 3.30 बजे उन्हें दिल का दौरा पड़ा। हाल ही में कंधे की चोट और फेफड़ों के संक्रमण के चलते उनका इलाज चल रहा था।

प्रो. छोकर ने अपने IIM सहयोगी त्रिलोचन शास्त्री के साथ 1999 में ADR की नींव रखी थी। इसी साल उन्होंने लोकसभा चुनाव के दौरान अहमदाबाद में उम्मीदवारों के नामांकन पत्रों की जांच की थी, जिससे पारदर्शिता पर बड़े सवाल खड़े हुए। इसके बाद ADR ने दिल्ली हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की।

इस याचिका के आधार पर सुप्रीम कोर्ट ने 2002 और 2003 में ऐतिहासिक फैसले दिए, जिसके तहत चुनाव लड़ने वाले सभी उम्मीदवारों के लिए अनिवार्य कर दिया गया कि वे नामांकन से पहले शपथपत्र में अपनी आपराधिक, वित्तीय और शैक्षिक पृष्ठभूमि का खुलासा करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।