apk fraud arrest
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Fraudster who stole money via APK: छत्तीसगढ़ के कबीरधाम जिले में साइबर पुलिस ने शासकीय योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजकर ठगी करने वाले शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सौरभ कुशवाह के रूप में हुई है, जिसे यूपी के झांसी से पकड़ा गया है।

आरोपी लोगों के मोबाइल पर RTO चालान, PM आवास योजना, बिजली बिल, KYC अपडेट और अन्य शासकीय योजनाओं के नाम से फर्जी APK फाइल भेजता था। जानकारी के अभाव में लोग उस फाइल को इंस्टॉल कर लेते थे।

फाइल इंस्टॉल करते ही रूपये होते थे पार

जैसे ही फाइल इंस्टॉल होती, पीड़ित की बैंकिंग और UPI से जुड़ी गोपनीय जानकारी साइबर ठगों के पास चली जाती और वे खाते से रकम पार कर देते थे। कई लोग इस तरह ठगी का शिकार हो चुके हैं।

क्या थी शिकायत?

पिछले माह साइबर थाना कबीरधाम में दो पीड़ितों ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि उनके बैंक खाते से बिना जानकारी के UPI के माध्यम से रकम ट्रांसफर कर ली गई। एक मामले में 1 लाख रुपये और दूसरे में 96,501 रुपये की ठगी हुई। धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया गया।

मोबाइल की जांच में पाया गया कि पीड़ितों को शासकीय योजनाओं के नाम पर फर्जी APK फाइल मिली थी।

झांसी से कैसे पकड़ा गया आरोपी?

मामले की जांच में साइबर पुलिस ने बैंकिंग डिटेल और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। निरीक्षक उमाशंकर राठौर के नेतृत्व में विशेष टीम झांसी, उत्तर प्रदेश रवाना हुई।

तकनीकी निगरानी के आधार पर संदेही सौरभ कुशवाहा को एक किराए के मकान से हिरासत में लिया गया। पूछताछ में उसने APK फाइल के माध्यम से ठगी करना स्वीकार किया।

आरोपी का प्रोफाइल और बरामदगी

आरोपी सौरभ कुशवाहा पिता नरेन्द्र कुशवाहा, उम्र 24 साल, निवासी वार्ड नं. 01, खेड़ापति मंदिर के पास ग्राम करेरा, थाना करेरा, जिला शिवपुरी, हाल झांसी (UP) है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा गया है।

उसके कब्जे से दूसरे व्यक्ति के नाम से जारी मोबाइल सिम, बैंक पासबुक, चेक बुक, ATM कार्ड और घटना में प्रयुक्त मोबाइल हैंडसेट बरामद किया गया है। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।

पुलिस की अपील

साइबर पुलिस थाना कबीरधाम ने आमजनों से अपील की है कि मोबाइल पर प्राप्त किसी भी अज्ञात APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। किसी भी अनजान लिंक, एप्लीकेशन को इंस्टॉल न करें और OTP, UPI PIN, ATM PIN, CVV, बैंक पासवर्ड जैसी गोपनीय जानकारी किसी से साझा न करें।

साइबर ठगी होने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें। जितनी जल्दी सूचना देंगे, राशि होल्ड/फ्रीज होने की संभावना उतनी ज्यादा रहेगी।

FAQ: अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Q1. कबीरधाम में APK फाइल से ठगी का क्या मामला है?
Ans. आरोपी PM आवास योजना, RTO चालान, बिजली बिल और KYC अपडेट के नाम पर फर्जी APK फाइल भेजता था। लोग फाइल इंस्टॉल करते ही उनकी बैंकिंग और UPI जानकारी ठग के पास चली जाती थी और खाते से पैसे निकाल लिए जाते थे।

Q2. आरोपी कौन है और कहां से पकड़ा गया?
Ans. आरोपी सौरभ कुशवाहा (24 वर्ष) पिता नरेन्द्र कुशवाहा, निवासी करेरा शिवपुरी (MP) है, जो हाल में झांसी UP में किराए के मकान में रह रहा था। कबीरधाम साइबर पुलिस ने उसे तकनीकी ट्रेसिंग से झांसी से गिरफ्तार किया।

Q3. कितनी ठगी हुई और क्या बरामद हुआ?
Ans. दो मामलों में 1 लाख और 96,501 रुपये की ठगी हुई है। आरोपी के पास से दूसरे के नाम की सिम, बैंक पासबुक, चेक बुक, ATM कार्ड और ठगी में प्रयुक्त मोबाइल बरामद हुआ है।

Q4. ऐसे फ्रॉड से कैसे बचें?
Ans. किसी भी अज्ञात APK फाइल या लिंक को इंस्टॉल न करें, OTP/UPI PIN/CVV किसी से शेयर न करें। ठगी होने पर तुरंत 1930 पर कॉल करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।