टीआरपी डेस्क। अगर आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए म्यूचुअल फंड सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) शुरू करना चाहते हैं, तो आपको कुछ महत्वपूर्ण नियमों और शर्तों का ध्यान रखना जरूरी है। SIP एक ऐसी योजना है, जिसके जरिए आप नियमित अंतराल पर एक निश्चित राशि म्यूचुअल फंड में निवेश कर सकते हैं।

बच्चे के नाम पर SIP शुरू करने के नियम

  • माता-पिता बिना किसी परेशानी के बच्चे के नाम पर SIP शुरू कर सकते हैं।
  • अधिकतर म्यूचुअल फंड कंपनियां नाबालिग के नाम पर SIP की सुविधा देती हैं।
  • SIP निवेश की कोई अधिकतम सीमा नहीं होती, यानी आप अपनी सुविधानुसार निवेश कर सकते हैं।
  • इस खाते में बच्चा एकमात्र होल्डर होगा, यानी इसमें जॉइंट होल्डर की अनुमति नहीं होती।
  • 18 साल से कम उम्र के बच्चे के लिए 3-इन-1 अकाउंट (बैंक + ट्रेडिंग + डीमैट) खोला जा सकता है।
  • नाबालिग के नाम पर शेयर बाजार में निवेश करने की अनुमति होती है, लेकिन माता-पिता या अभिभावक की जिम्मेदारी होती है।
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जरूरी दस्तावेज

अगर आप अपने बच्चे के नाम पर SIP शुरू करना चाहते हैं, तो आपको कुछ जरूरी दस्तावेज देने होंगे:

  1. बच्चे की उम्र का प्रमाण– बर्थ सर्टिफिकेट या पासपोर्ट।
  2. अभिभावक और बच्चे के रिश्ते का प्रमाण– माता-पिता का आधार कार्ड या अन्य पहचान पत्र।
  3. माता-पिता का KYC (Know Your Customer) पूरा होना चाहिए।
  4. थर्ड पार्टी डिक्लेरेशन फॉर्म– क्योंकि 18 साल की उम्र तक माता-पिता के खाते से पैसे काटे जाते हैं।
  5. बैंक डिटेल्स और पैन कार्ड– माता-पिता को अपना पैन और बैंक खाते की जानकारी देनी होगी।
  6. नॉमिनी की अनुमति नहीं होती– चूंकि यह खाता नाबालिग के नाम पर होता है, इसलिए इसमें नॉमिनी नहीं जोड़ा जा सकता।

18 साल के बाद क्या होगा?

  • जैसे ही बच्चा 18 साल का हो जाता है, SIP स्वतः बंद हो जाती है।
  • फंड हाउस नाबालिग यूनिट होल्डर को एक नोटिस भेजता है, जिसमें बालिग होने के प्रमाण के लिए दस्तावेज मांगे जाते हैं।
  • बच्चे को KYC प्रक्रिया पूरी करनी होती है, ताकि खाते को बालिग निवेशक के रूप में अपडेट किया जा सके।
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SIP के फायदे

  • छोटे-छोटे निवेश से लंबी अवधि में अच्छा रिटर्न मिल सकता है।
  • कंपाउंडिंग के कारण बच्चे के भविष्य के लिए बड़ा फंड तैयार किया जा सकता है।
  • SIP में निवेश की राशि और तारीख पहले से तय की जा सकती है, जिससे वित्तीय अनुशासन बना रहता है।

अगर आप अपने बच्चे के भविष्य के लिए SIP शुरू करने का सोच रहे हैं, तो इन सभी बातों का ध्यान रखें और सही योजना का चुनाव करें।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।