मध्यान्ह भोजन में शामिल होंगे मिलेट्स, बच्चों को मिलेगा पोषण, मिलेट्स की बढ़ेगी खपत, किसानों को होगा फायदा

रायपुर। मिलेट्स को बढ़ावा देने के लिए स्कूलों में बच्चों के लिए संचालित मध्यान्ह भोजन कार्यक्रम में मिलेट्स को शामिल किया जाना चाहिए यह बातें सीएम भूपेश बघेल ने कही। उन्होंने आगे कहा कि इससे देशभर के बच्चों को जहां भरपूर पोषक तत्व मिलेंगे वहीं मिलेट्स का उत्पादन करने वाले किसानों के लिए मिलेट्स उत्पादों के बाजार की समस्या नहीं रहेगी और किसानों को फायदा भी होगा। मुख्यमंत्री ने आज राजधानी रायपुर के सुभाष स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय ‘छत्तीसगढ़ मिलेट कार्निवल’ का शुभारंभ करते हुए इस आशय के विचार प्रकट किए।

छत्तीसगढ़ पहले ही मिलेट्स के उत्पादन, प्रसंस्करण और विपणन के मामले में काफी आगे है और धीरे धीरे मिलेट्स हब के रूप में उभर रहा है। आज जब मिलेट्स फसलों का रकबा जब पूरी दुनिया में सिमट रहा है, तब हमारे राज्य में इसका रकबा बढ़ रहा है। राज्य सरकार से मिलेट्स उत्पादक किसानों को मिले प्रोत्साहन से प्रदेश में मिलेट्स फसलों के रकबा में लगभग 3 गुना वृद्धि हुई है, पहले 70 हजार हेक्टेयर रकबा में मिलेट्स की खेती होती थी, अब यह रकबा बढ़कर 1 लाख 65 हजार हेक्टेयर हो गया है।

See also  महासमुंद नगरपालिका की कुर्सी पर भी कांग्रेस का कब्ज़ा, कांग्रेस उम्मीदवार ने 9 मतों से हासिल की जीत

राज्य सरकार द्वारा कोदो और कुटकी का तीन हजार रूपए समर्थन मूल्य घोषित किया गया और राजीव गांधी किसान न्याय योजना में मिलेट्स उत्पादक किसानों को 9 हजार रूपए प्रति एकड़ की इनपुट सब्सिडी देने के परिणामस्वरूप छत्तीसगढ़ में मिलेट्स का उत्पादन बढ़ा। पहले ही साल में 55 हजार क्विंटल मिलेट्स की खरीदी की गई। मिलेट्स की डिमांड बढ़ने के कारण खुले बाजार में इसकी खपत हो रही है, इसके कारण इस वर्ष समर्थन मूल्य पर 35 हजार क्विंटल की खरीदी ही हो पाई। कोदो, कुटकी एवं रागी का बाजार मूल्य भी बढ़ा, पहले 12 से 15 रुपए प्रति किलो मिलेट्स का बाजार मूल्य होता था, आज बढ़कर 25 से 28 रुपए तक पहुंच चुका है।

मिलेट्स प्रसंस्करण का देश का सबसे बड़ा प्लांट छत्तीसगढ़ के कांकेर जिले के नथिया नवागांव में बनाया गया है, जिसमें 22 प्रकार के उत्पाद तैयार किए जा रहे हैं। मिलेट्स के उत्पादन, महिला स्व-सहायता समूहों और वनधन समितियों के माध्यम से संग्रहण और प्रसंस्करण के जरिए हजारों महिलाओं को रोजगार मिला। मिलेट्स की खेती के प्रति किसानों का आकर्षण बढ़ा, उनकी आय में भी वृद्धि हुई।

See also  राजनांदगांव में नक्सलियों ने किया आईईडी विस्फोट, आईटीबीपी का 1 जवाान घायल

Hindi News के लिए जुड़ें हमारे साथ हमारे
फेसबुक, ट्विटरयूट्यूब, इंस्टाग्राम, लिंक्डइन, टेलीग्रामकू
 पर

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।