आरक्षण के मुद्दे पर मंत्री को करना पड़ा आदिवासी समाज के विरोध का सामना- Video

रायपुर। भानुप्रतापपुर विधानसभा उपचुनाव में आरक्षण में कटौती को लेकर सर्व आदिवासी समाज की नाराजगी सामने आई है। भानुप्रतापपुर के ग्राम पंचायत बोगर में चुनाव प्रचार में गए छत्‍तीसगढ़ सरकार में मंत्री कवासी लखमा को आदिवासी समाज के विरोध का सामना करना पड़ा। कांग्रेस प्रत्याशी सावित्री मंडावी के समर्थन में प्रचार करने गए मंत्री को आदिवासियों ने प्रचार करने से रोक दिया।

वीडियो में आप देख सकते हैं कि आदिवासी समाज का कहना है कि कहा, आदिवासियों के अधिकार का विरोध करने वाला हमारा नेता हो ही नहीं सकता है। इसी बीच आदिवासियों ने मंत्री लखमा के सामने ही सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस दौरान समाज के लोगों की मंत्री लखमा के बीच बहस भी हुई। मालूम हो कि छत्‍तीसगढ़ में आदिवासियों का आरक्षण 12 प्रतिशत कम होने से आदिवासी संगठन नाराज हैं।

आदिवासियों के आरक्षण में कटौती का विरोध करने के लिए आदिवासी समाज ने विधानसभा क्षेत्र की सभी 85 पंचायतों से एक-एक प्रत्याशी को मैदान में उतारने की योजना बनाई थी। 42 पंचायतों से एक एक अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र भी खरीदा था। हालांकि सभी ने नामांकन दाखिल नहीं किया।

भानुप्रतापपुर उप चुनाव के मैदान में सात प्रत्याशी आमने सामने हैं। मुख्य मुकाबला कांग्रेस की सावित्री मंडावी व भाजपा के ब्रम्हानंद नेताम के बीच ही बचा है। आदिवासी समाज के बैनर पर अब एक ही प्रत्याशी पूर्व आइपीएस अकबर राम कोर्रार चुनाव मैदान में हैं। सर्व आदिवासी समाज के पदाधिकारी उन्हें ही वोट देने की शपथ दिला रहे हैं।

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रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।