टीआरपी डेस्क। Monsoon update 2026: देश भर में मानसून की रफ्तार अचानक थम सी गई है। 15 जून की सैटेलाइट तस्वीरों को देखें तो बड़े हिस्सों से मानसूनी बादल पूरी तरह गायब नजर आ रहे हैं।

आंकड़ों पर गौर करें तो 4 जून से 15 जून के बीच देश में औसतन 53.7 मिमी बारिश होनी थी, लेकिन हुई सिर्फ 19.2 मिमी। यह बारिश में 64 फीसदी की बड़ी गिरावट है। मानसून अभी महाराष्ट्र, तेलंगाना और आंध्र प्रदेश के आसपास अटक गया है। बिहार और झारखंड में भी यही हाल है।

हवाओं का मिजाज बदला

मानसून के सुस्त पड़ने की बड़ी वजह समुद्र में नमी की कमी नहीं, बल्कि आसमान की हवाएं हैं। ऊपरी वायुमंडल में पश्चिमी जेट स्ट्रीम सामान्य से ज्यादा दक्षिण की ओर खिसक गई है। इसकी वजह से अरब सागर और बंगाल की खाड़ी से आने वाली नमी वाले बादल बन ही नहीं पा रहे हैं।

अगले 48 घंटे रहेंगे अहम

मौसम विभाग के मुताबिक, अगले दो दिनों में मानसून की स्थिति में बदलाव की उम्मीद है। 16 जून को बिहार, झारखंड, ओडिशा और पश्चिम बंगाल में तेज हवाओं के साथ बारिश हो सकती है। वहीं, राजस्थान, मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है।

यहां अभी भी गर्मी का टॉर्चर

एक तरफ मानसून का इंतजार है, तो दूसरी तरफ कुछ राज्यों में गर्मी का कहर जारी है। महाराष्ट्र के विदर्भ और मराठवाड़ा में 17 जून तक लू (हीटवेव) चलने की चेतावनी दी गई है। कोंकण और गोवा में रात तक उमस और गर्मी से लोग बेहाल रहेंगे। मौसम विभाग ने कुछ राज्यों में 50-70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की बात कही है।

रंजना वर्मा पत्रकारिता और डिजिटल मीडिया से जुड़ी अनुभवी न्यूज राइटर हैं। उन्होंने देवी अहिल्या विश्वविद्यालय, इंदौर से मास्टर ऑफ मास कम्युनिकेशन की शिक्षा प्राप्त की है। रायपुर के प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में काम करते हुए उन्होंने छत्तीसगढ़ और देश से जुड़े समसामयिक मुद्दों के साथ राजनीति, शिक्षा, सरकारी योजनाओं, कारोबार, तकनीक और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लेखन किया है। समाचार लेखन के साथ SEO आधारित कंटेंट तैयार करने में भी उनकी अच्छी पकड़ है। सरल भाषा में तथ्यों को प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करना और पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुंचाना उनकी लेखन शैली की प्रमुख विशेषता है।